सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले में निलंबित आईपीएस अधिकारी डीजी वंजारा और अन्य आरोपियों की नार्को जाँच टाल दी गई है।
डायरेक्टरेट ऑफ फोरेंसिंक साइंस (डीएफएस) के निदेशक जेएन व्यास ने कहा कि नार्को जाँच की कानूनी पहलुओं की व्याख्या को लेकर कुछ समस्याएँ हैं, इसलिए मामले के 13 आरोपियों में से दो की जाँच को टाल दिया गया है।
व्यास ने कहा दो आरोपियों की पाँच मई से नौ मई के बीच जाँच होना थी, लेकिन दोपहर दो बजे हमें यह संदेश मिला कि वे नहीं आएँगे।
उन्होंने कहा जाँच की नई तारीखें अब सीआईडी देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी मुठभेड़ मामले के अन्य आरोपियों की नार्को जाँच नौ मई तक नहीं होगी।
यह पूछने पर कि 13 आरोपियों में से दो आरोपी कौन हैं, व्यास ने कहा मुझे जानकारी नहीं है। सूत्रों ने कहा कि उनमें से एक वंजारा हैं।
उल्लेखनीय है एक स्थानीय अदालत ने जाँच एजेंसी को फर्जी मुठभेड़ कांड के आरोपियों के नार्को विश्लेषण परीक्षण के लिए अनुमति दे दी है। आरोपियों ने निचली अदालत के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती नहीं दी है।
तीन आईपीएस अधिकारी वंजारा राजकुमार पांड्या और दिनेश एमएन को सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ कांड में एक साल पहले गिरफ्तार किया गया था। शेख की हत्या नवंबर 2005 में शहर के बाहरी इलाके में कर दी गई थी। शेख की पत्नी कौसर बी की भी कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी।
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