आंध्रप्रदेश के गुंटूर में एशिया की सबसे बड़ी मिर्च मंडी में लगी आग के बाद सोमवार को वायदा बाजार में मिर्च की कीमतें चार फीसदी तक चढ़ गईं। व्यापारियों को देश में मिर्च की किल्लत होने की आशंका है।
कार्वी कामट्रेड के विश्लेषक वीरेश हीरेमठ ने बताया सोमवार को एनसीडीईएक्स में मिर्च की कीमतों में तेजी का रुख रहा। मिर्च की आपूर्ति दो से ढाई लाख बोरी घटने का अनुमान है। दोपहर 12 बजे जून डिलीवरी के लिए मिर्च के वायदा भाव 4.01 फीसदी बढ़कर 5115 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुँच गए, वहीं अगस्त डिलीवरी के लिए भाव 5520 रुपए प्रति क्विंटल और अक्तूबर के लिए 5760 रुपए प्रति क्विंटल रहे।
व्यापारियों ने कहा कि आंध्रप्रदेश में बेमौसम बारिश की वजह से पहले ही मिर्च की करीब पंद्रह से बीस फीसदी फसल बर्बाद हो चुकी है। ऐसे में गुंटूर मिर्च मंडी की आग ने माँग-आपूर्ति की खाई और बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि पिछले साल मिर्च का उत्पादन 10.5 लाख टन था। हालाँकि सरकार ने 2007-08 में करीब बारह लाख टन उत्पादन का अनुमान जताया है।
स्पाइस बोर्ड ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक आग से हुए नुकसान के कारण घरेलू बाजार में मिर्च की आवक घट सकती है, जिससे कीमतें ऊपर जाने की संभावना है। हालाँकि उन्होंने मिर्च के निर्यात पर किसी तरह का प्रभाव पड़ने की संभावना से इनकार किया।
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