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राज ठाकरे की गिरफ्तारी को लेकर दबाव
राज ठाकरे द्वारा हाल ही में उत्तर भारतीयों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के मामले में अनेक राजनीतिक दलों ने सोमवार को राज के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।

समाजवादी पार्टी के नेता अमरसिंह और अबू आसिम आजमी राज के निशाने पर रहे हैं। सपा ने आज पलटवार करते हुए माँग की कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज को मकोका के अंतर्गत गिरफ्तार किया जाए। आजमी ने कहा कि ऐसे तत्वों को आजाद नहीं घूमने देना चाहिए, जो सांप्रदायिक और क्षेत्रीय सद्भावना को नुकसान पहुँचा रहे हैं।

राष्ट्रीय जनता दल के सूत्रों के पार्टी के नेता क्षेत्रीयता को बढ़ावा देने के मामले में राज ठाकरे को गिरफ्तार करने के लिए मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख को पत्र लिखने की योजना बना रहे हैं।

सपा नेता अमरसिंह ने राज ठाकरे, मुख्यमंत्री देशमुख और राकांपा नेता शरद पवार के बीच साठगाँठ का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी कारण से मनसे प्रमुख को पुलिस का समर्थन मिल रहा है।

अमरसिंह ने यह भी आरोप लगाया कि पवार के एक रिश्तेदार और पूर्व आईपीएस अधिकारी विक्रम बोके मनसे के प्रमुख नेताओं में से एक हैं और पार्टी के मुख्य वित्त पोषक भी रहे हैं।

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा कि राज के भाषण की सही तरीके से जाँच जल्दी से जल्दी होनी चाहिए और यदि उनका भाषण संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करता हो तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

राज ठाकरे द्वारा उत्तर भारतीयों को मुंबई में अपराधों के लिए जिम्मेदार ठहराने पर संजय निरुपम ने कहा कि किसी भी समुदाय के खिलाफ ऐसा बयान नहीं देना चाहिए। निरुपम ने कहा कि सभी समुदायों में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग हैं।

उन्होंने कहा कि मैं यह दावा नहीं करता कि उत्तर भारतीय समुदाय में से कोई भी अपराधों में शामिल नहीं है, लेकिन मैं राज ठाकरे को याद दिलाना चाहूँगा कि दाऊद इब्राहिम, टाइगर मेमन, छोटा राजन, अरुण गावली, रामा नाईक, अमर नाईक, वर्धा राजन, हाजी मस्तान और करीम लाला उप्र और बिहार से नहीं हैं। मैं यह भी कहता हूँ कि मुंबई के सभी अपराधी महाराष्ट्रीयन नहीं हैं।

राज ठाकरे द्वारा अपने भाषणों में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को शामिल करने के मामले में संजय निरुपम ने कहा कि राज को इस मामले में डॉ. अंबेडकर को नहीं लाना चाहिए।
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