मुंबई पुलिस को शनिवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे की रैली के दौरान उनके भाषण में उत्तर भारतीयों के खिलाफ एक बार फिर अभियान को शुरू करने से संबंधित कोई भी तथ्य मिलते हैं, तो वह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है। मुम्बई के पुलिस आयुक्त हसन गफूर ने बताया कि हम इससे जुड़ी सामग्री जुटा रहे हैं। अगर हमें इसमें कोई तथ्य मिला तो हम इसे विधि शाखा को सौंप देंगे और उनकी राय के आधार पर हम राज के खिलाफ ताजा कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। कल शिवाजी पार्क में अपने 70 मिनट लम्बे भाषण में राज ने मराठा संस्कृति पर हमला करने के लिए उत्तर भारतीयों पर निशाना साधा।
प्रदेश में उत्तरप्रदेश दिवस मनाए जाने का हवाला देते हुए राज ने कहा कि यहाँ केवल महाराष्ट्र दिवस ही मनाया जाना चाहिए और इस बयान के लिए पुलिस को गिरफ्तार करने की चुनौती दी।
इस बीच गफूर ने कहा कि कल की रैली के बाद शहर के किसी हिस्से में हिंसा की कोई वारदात सामने नहीं आई है। पुलिस ने इसके लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए थे।
सरकार संशय में : महाराष्ट्र की कांग्रेस-राकांपा गठबंधन सरकार असमंजस में है कि उत्तर भारतीयों के खिलाफ भड़काऊ बयान देने के लिए एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए या नहीं।
सत्तारूढ़ गठबंधन के एक वरिष्ठ नेता ने बताया अगर हम क्षेत्रीय वैमनस्य को बढ़ाने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करते हैं तो ऐसे समय में मराठी मतदाताओं का बड़ा हिस्सा खो देंगे, जब चुनाव होने हैं।
उन्होंने कहा कि राज के नजरिए से कोई सहमत हो अथवा न हो, लेकिन एक बात साफ है कि वे मराठी जनता की समस्याओं को उठाकर तथा उनकी बेरोजगारी के लिए उत्तर भारतीय प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराकर बड़ी संख्या में मराठियों को प्रभावित कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अगर राज को गिरफ्तार किया जाता है तो इस बात का भी खतरा है कि वह हीरो बन जाए।
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