राज्य के नक्सल प्रभावित गया जिले में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के आदेशों का पालन करते हुए सत्तारूढ़ जनता दल (यू) और भारतीय जनता पार्टी के 64 कार्यकर्ताओं ने रविवार को अपने पदों से तथा पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस्तीफा देने वालों में विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी के निर्वाचन क्षेत्र इस्लामपुर के इमामगंज, बाँके बाजार और डुमरिया प्रखंडों के अध्यक्ष भी शामिल हैं।
नक्सलियों ने विधानसभा अध्यक्ष पर आरोप लगाया था कि इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की अनदेखी की जा रही है और गरीबों तथा महिलाओं पर अत्याचार बढ़ा है।
नक्सलियों ने इमामगंज बाँके बाजार और डुमरिया प्रखंडों से गत मंगलवार को सत्तारूढ़ गठबंधन के 37 कार्यकर्ताओं का अपहरण भी कर लिया था। अपहरण करने के बाद सभी कार्यकर्ताओं पर इस्तीफा देने का दबाव डाला गया था।
नक्सलियों ने सभी कार्यकर्ताओं को चकरबांदा पहाड़ियों में ले जाकर धमकी दी थी कि यदि इस्तीफा नहीं दिया, तो उन्हें मौत के घाट उतार दिया जाएगा।
नक्सलियों ने कहा था कि पत्रकारों के समक्ष रविवार तक एक स्कूल में समारोह आयोजित कर अपनी-अपनी पार्टियों से इस्तीफा दे दें। जब सभी कार्यकर्ता नक्सलियों के आदेश को मानने को राजी हो गए तो नक्सलियों ने उन्हें रिहा कर दिया था।
सत्तारूढ़ गठबंधन के 64 कार्यकर्ता रविवार को एक स्कूल में एकत्रित हुए तथा अपने- अपने दलों की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की सार्वजनिक घोषणा कर दी।
इस्तीफा देनेवालों में भाजपा के गया जिले के कार्यकारिणी समिति के सदस्य धनराज शर्मा जद (यू) के बाँके बाजार प्रखंड अध्यक्ष ब्रजेश कुमार तथा डुमरिया प्रखंड अध्यक्ष शौकत अली शामिल हैं। इस्तीफा देने वाले अधिकांश कार्यकर्ता सत्तारूढ़ दल के प्रखंड इकाई से लेकर जिला इकाई तक के पदाधिकारी भी हैं।
नक्सलियों द्वारा राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं पर अपना आदेश चलाने और उन्हें सामूहिक इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने की यह संभवत: बिहार में यह पहली घटना है।
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