राजधानी के एक सरकारी स्कूल की टीचर की गलती की वजह से 40 छात्राओं का भविष्य अंधकार में दिखाई दे रहा है। मामला कल्याणपुरी राजकीय सर्वोदय कन्या विद्यालय का है। जहाँ बारहवीं कक्षा की टीचर ने परीक्षा का फॉर्म गलत भरने से यहॉ स्थिति उत्पन्न हुई है।
टीचर की इस गलती के वजह से छात्राएँ फेल होने की कगार पर है। माता-पिता द्वारा स्कूल के कई चक्कर लगाने के बाद प्राचार्या सवित्री देवी ने एक महीने के बाद क्लास टीचर की भूल स्वीकार कर ली है। इन 40 छात्राओं ने 2 मई को मुख्यमंत्री शीला दीक्षित व सीबीएसई को पत्र लिखकर न्याय दिलाने की गुहार की है।
इन छात्राओं में से एक सुश्री अनामिका पांडे के पिता राकेश कुमार पाण्डेय ने दोनों पत्रों की प्रतिलिपिया पेश करते हुए बताया कि इन लड़कियों को संस्कृत कोर विषय में परीक्षा देनी थी, लेकिन क्लास टीचर ने कोड भरते समय संस्कृत कोर की जगह संस्कृत ऐच्छिक का कोड भर दिया।
लडकियों को जब एडमिट कार्ड मिला तो उस पर संस्कृत ऐच्छिक विषय लिखा था। इस पर प्रिंसपल ने आश्वासन दिया कि वह परीक्षा के समय संस्कृत कोर के परचे देने की अनुमति सीबीएसई से दिलवा देंगी।
पाण्डेय ने बताया कि शिकायत करने पर प्रिंसिपल ने स्कूल की गलती मानने से इंकार कर दिया। बाद में आश्वासन दिया कि वह बोर्ड के अधिकारियों से मिलकर मामले को सुलझा लेगी। अभिभावकों का अधिक दवाब पड़ने से प्रिंसिपल सवित्री देवी ने दो दिन पहले ही सीबीआई के अध्यक्ष को पत्र लिखा है।
श्रीमती सावित्री देवी ने पत्र में स्वीकार किया है कि गलती से परीक्षा फार्म में 322 नम्बर कोर्ड की जगह 022 कोड भर दिया गया। जिसके कारण छात्राओं को मजबूरी में संस्कृत ऐच्छिक की परीक्षा देनी पड़ी।
वहीं छात्राओं ने मुख्यमंत्री से गुहार की है कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड न कर कोई दूसरा रास्ता निकाला जाए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रिंसपल छात्राओं के साथ सहयोगात्मक रवैया नहीं अपना रही है।
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