आंध्रपद्रेश में लोकसभा की चार और विधानसभा की 18 सीटों के लिए 29 मई को होने वाले उपचुनावों के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने कमर कस ली हैं। अगले वर्ष होने वाले आम चुनावों के मद्देनजर इन उपचुनावों को बहुत ही अहम माना जा रहा है।
अलग तेलंगाना राज्य के गठन की माँग को लेकर लोकसभा की चार और विधानसभा की 16 सीटों से तेलंगाना राष्ट्र समिति(टीआरएस) के सदस्यों द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद ये सीटें रिक्त हुई थी।
विधानसभा की दो सीटें कांग्रेस विधायक पी जनार्दन रेड्डी और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) विधायक टी जयप्रकाश के निधन से रिक्त हुई थी।
तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के लिए ये उपचुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन चुके हैं और वह इन्हें लेकर 'करो या मरो' की स्थिति में है। उधर केन्द्र काँग्रेस की नीतियों और राज्य की राजशेखर रेड्डी सरकार विकास को मुख्य मुद्दा बनाकर चुनाव मैदान में उतर रही हैं।
आंध्र प्रदेश काँग्रेस समिति के अध्यक्ष के श्रीनिवास ने बताया कि उनकी पार्टी अलग तेलंगाना राज्य के पक्ष में है, लेकिन सर्वसम्मति नहीं होने के कारण इस दिशा में कोई खास कदम नहीं उठाया जा रहा है। यह मुद्दा अब काँग्रेस आलाकमान के पास है और पार्टी राज्य के चहुँमुखी विकास के मामले को प्रमुख मुद्दा बनाएगी।
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