राजस्थान में जोधपुर नगर निगम भवन में बंद रहने पर भूख एवं प्यास से 34 कबूतरों की मौत को लेकर प्राणी और पर्यावरण संस्थान की ओर से अदालत में महापौर तथा कार्यकारी अधिकारी को पक्षकार बनाया गया हैं।
जोधपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट दलपतसिंह राजपुरोहित की अदालत में संस्थान के अध्यक्ष डॉ.जगदीश कंसारा की ओर से बताया गया कि निगम भवन के सभागार में गत 19 अप्रैल को सभा हुई थी।
इस बीच सभागार में कई कबूतर भी प्रवेश कर गए लेकिन सभा संपन्न होने के बाद भवन को बंद कर दिया गया, जिससे अंदर बंद कबूबर भूख एवं प्यास से मर गए।
इसके बाद जब 28 अप्रैल को सभागार को खोला गया तो वहाँ 34 कबूतर मृत पाए गए। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 190 के तहत पेश मामले में कहा गया है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण ये निरीह पक्षी मर गए, इसलिए पशु क्रूरता अधिनियम तथा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत आरोपियों को सजा दी जाए।
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