पुलिस मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन की विधवा मुतुलक्ष्मी अब अभिनय के मैदान में कूदने का तैयार हैं। मुतुलक्ष्मी ने दावा किया है कि उन्होंने एक फिल्म साइन की है।
चार दशकों से अधिक समय तक सुरक्षा बलों को सफलतापूर्वक आँख में धूल झोंकते रहे वीरप्पन की किस्मत ने आखिरकार 18 अक्टूबर 2004 को धोखा दिया और वह तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले में विशेष कार्यबल के कमांडो के साथ मुठभेड़ में मारा गया।
38 वर्षीय मुतुलक्ष्मी ने शनिवार को कहा कि मैंने अभिनय के लिए निर्माताओं के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। उन्होंने मुझसे फिल्म का सहनिर्माण भी करने को कहा। इस पर मैं एक हफ्ते में फैसला करूँगी।
हालाँकि उन्होंने अन्य विवरण देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ निर्माताओं ने मेरे पति पर फिल्म बनाने की पेशकश के साथ मुझसे संपर्क किया। इसे अंतिम रूप दिया जाना अभी बाकी है।
मुतुलक्ष्मी ने बताया कि धर्मपुरी जिले के नेरूपुर में एक जनवरी 1990 को वीरप्पन के साथ उनकी शादी हुई थी। वीरप्पन से उनकी दो बेटियाँ हैं।
मुतुलक्ष्मी ने कहा कि वे खुद फिल्म बनाने के विचार पर चिंतन कर रही थीं क्योंकि वह इस बात को लेकर सशंकित थीं कि अन्य लोग कहीं उनके पति को गलत तरीके से पेश न कर दें। साल की शुरूआत में कथित तौर पर उनसे अभिनेता प्रकाश राज ने इस संबंध में संपर्क किया था।
बॉलीवुड निर्माता रामगोपाल वर्मा भी वीरप्पन पर फिल्म बनाना चाहते थे, लेकिन वीरप्पन के मारे जाने के बाद उन्होंने यह विचार छोड़ दिया।
पीएमके समर्थित मक्कल टीवी पर इससे पहले मुतुलक्ष्मी ने वीरप्पन के जीवन पर आधारित धारावाहिक संथानकड्डू (चंदन वन) के प्रसारण का विरोध किया था, लेकिन अब उन्होंने इसके प्रसारण की अनुमति दे दी है। उन्होंने कहा यह बेहतर है। वे एसटीएफ से प्रभावित लोगों को महत्व दे रहे हैं।
मुतुलक्ष्मी ने यह भी कहा कि वे मेट्टूर के निकट मूलाकडाई में एक स्मारक बनाना चाहती हैं। साथ ही वह उसमें वीरप्पन की प्रतिमा लगाना चाहती हैं। इसी स्थान पर वीरप्पन को दफनाया गया था। उन्होंने प्रतिमा स्थापना के लिए सरकार से भूखंड देने की अपील की।
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