कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कांग्रेस और जनता दल (एस) पर विश्वासघात करने और अनावश्यक तौर पर राज्य को चुनाव के लिए मजबूर करने के लिए आड़े हाथों लिया।
बेंगलुरु के ग्रामीण जिले में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए आडवाणी ने जदएस और कांग्रेस पर असमय और अनावश्यक रूप से राज्य के लोगों पर चुनाव थोपने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कर्नाटक में चुनाव वर्ष 2009 में होना था, लेकिन कांग्रेस और जदएस ने भाजना के नेतृत्व वाली बीएस येदीयुरप्पा सरकार को गिरा दिया, जिससे राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद समय से पूर्व चुनाव हो रहा है।
ट्वेंटी-20 क्रिकेट और कर्नाटक में पिछले वर्ष राजनीतिक घटनाओं के बीच समानांतर रेखा खींचते हुए उन्होंने कहा कि जदएस ने भाजपा के साथ 20-20 महीने के नियम के आधार पर शासन के लिए सहमति व्यक्त की थी।
आडवाणी ने कहा कि जदएस ने 20 महीने का अपना कार्यकाल तो पूरा कर लिया लेकिन भाजपा को धोखा दे दिया। उन्होंने कहा कि जो दल जनता को सुरक्षा नहीं प्रदान कर सकती है उन्हें नकार देना चाहिए।
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