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बद्रीनाथ में जीवन का संचार
पिछले छह महीनों से हिमाच्छादित होने के कारण निर्जन पड़े बद्रीनाथ में मरम्मत कार्यों के लिए कुछ दलों के पहुँचने के साथ ही जीवन का संचार होने लगा है। हिन्दुओं के इस सर्वोच्च तीर्थ के कपाट आगामी नौ मई को खुल रहे हैं।

जोशीमठ की एसडीएम निधि यादव से मिली जानकारी के अनुसार बद्रीनाथ धाम में बिजली, पानी एवं सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएँ बहाल करने के लिए वहाँ मंदिर समिति सहित विभिन्न विभागों के कुछ कर्मचारी बद्रीनाथ पहुँच गए हैं। इन्हें कल दो मई तक बिजली-पानी आदि सुविधाएँ बहाल करनी है।

यादव ने बताया कि हनुमान चट्टी से थाना बद्रीनाथ पहुँचने के बाद ही होटल, रेस्तराँ, धर्मशाला आदि वालों को बद्रनाथ जाने के लिए परमिट दिए जाएँगे। 25 अप्रैल को वहाँ मंदिर समिति की टीम पहुँची है।

बद्रीनाथ के कपाट बंद होते ही सामरिक दृष्टि से अति संवेदनशील उस क्षेत्र में आम नागरिकों की आवाजाही पर रोक लग जाती है। यह रोक कपाट खुलने तक जारी रहती है।

बद्रीनाथ का दौरा करने के बाद निधि यादव ने बताया कि इस बार कम हिमपात के कारण बद्रीनाथ में बहुत कम टूटफूट हुई है। इस बार बिजली विभाग को अधिक क्षति हुई मानी जा रही है फिर भी वहाँ दो मई तक हर हाल में बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी। उन्होंनें बताया कि बद्रीनाथपुरी से बर्फ पूरी तरह से पिघल गई है। रास्ते में भी ग्लेशियर लगभग पिघल चुके हैं।
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