बालिग होने से पहले ही हथियार लाइसेंस हासिल करने और काले हिरण के शिकार के बाद जब्त राइफल के लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के मामले में नवाब पटौदी की बेटी और बॉलीवुड अदाकारा सोहा अली खान व्यक्तिगत कारणों से सुनवाई के लिए गुड़गाँव के जिला उपायुक्त के सामने पेश नहीं हुईं और उन्होंने अपनी जगह अपने वकील को भेज दिया।
गुड़गाँव के जिला उपायुक्त राकेश गुप्ता ने बताया कि इस मामले में कार्रवाई करने संबंधी फैसला आठ मई को किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गुड़गाँव के जिला उपायुक्त राकेश गुप्ता ने सोहा अली खान को बालिग होने से पहले हथियार लाइसेंस हासिल करने और शिकार मामले में जब्त राइफल के हथियार का नवीनीकरण कराने के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
सोहा ने कारण बताओ नोटिस के जवाब में खुद को निर्दोष बताया था और व्यक्तिगत सुनवाई का मौका माँगा था। इस पर गुड़गाँव जिला प्रशासन ने उनकी पेशी के लिए 25 अप्रैल की तिथि निर्धारित की थी। बाद में यह तारीख 30 अप्रैल कर दी गई लेकिन सोहा अली खान आज भी पेश नहीं हुईं और उनकी तरफ से उनके वकील भूषण आर्य अदालत में पेश हुए। शस्त्र अधिनियम के तहत हथियार का लाइसेंस हासिल करने के लिए 21 साल की उम्र जरूरी होती है लेकिन सोहा अली खान को 18 साल की उम्र में ही लाइसेंस मिल गया। सोहा के पिता पूर्व क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी पर काले हिरण के शिकार का मुकदमा फरीदाबाद की पर्यावरण अदालत में चल रहा है। मामले के अनुसार उन्होंने शिकार के लिए अपनी बेटी की राइफल का इस्तेमाल किया इस कारण सोहा पर शस्त्र अधिनियम की धारा के तहत भी मुकदमा चला रहा है।
सोहा के खिलाफ आरोप है कि काले हिरण के शिकार के बाद जब उनकी राइफल झज्जर पुलिस के कब्जे में थी तो उसी समय सोहा ने इसके लाइसेंस का नवीनीकरण भी करा लिया।
सोहा ने कारण बताओ नोटिस के जवाब में कहा था कि उसने लाइसेंस के लिए दिए गए अपने आवेदन में अपनी उम्र सही लिखी थी इसलिए बालिग और नाबालिग की बात तय करना अधिकारियों की जिम्मेदारी थी। गुड़गाँव के प्रशासनिक कार्यालय से सोहा के हथियार लाइसेंस संबंधी फाइल भी गायब है। इस मामले में गुड़गांव के कई पूर्व अधिकारियों पर गाज गिरने का अनुमान है।
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