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विजय शंकर माथुर की नियुक्ति खत्म
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती की अध्यक्षता में मंगलवार सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा में निर्माण कार्यों, भू-आवंटन में अनियमितताओं के समस्त प्रकरणों की जाँच हेतु सेवानिवृत्त आईपीएस विजय शंकर माथुर की नियुक्ति को समाप्त कर दिया गया है।

सरकार का कहना है कि विजय शंकर माथुर द्वारा स्वयं ही अग्रिम जाँच करने में असमर्थता व्यक्त करने के कारण मंत्रिपरिषद ने माथुर की जाँच कार्य हेतु की गई नियुक्ति को समाप्त करने का फैसला किया है।

नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा ताज एक्सप्रेस-वे में निर्माण कार्यों एवं भू-आवंटन में अनियमितताओं के समस्त प्रकरणों में, जिसमें अप्पू घर का प्रकरण भी शामिल है, की जाँच हेतु माथुर को दिनांक 25 जनवरी, 2004 को नियुक्त किया गया था।

यह भी उल्लेखनीय है कि माथुर को जाँच कार्य के लिए तीन माह के नियुक्त किया गया था किन्तु जाँच कार्य पूर्ण न होने के कारण 3-3 माह का समय बढ़ाया जाता रहा है। लगभग तीन वर्ष तीन माह बीत जाने के उपरांत भी माथुर द्वारा जाँच कार्य पूर्ण नहीं किया जा सका।

आईपीएस अधिकारियों के तबादले : शासन द्वारा 12 आईपीएस अधिकारियों का स्थानान्तरण किया गया है। इसके तहत जौनपुर, बलरामपुर, श्रावस्ती, औरैया, कुशीनगर, महामायानगर, शाहजहाँपुर व रामपुर जिलों में नए पुलिस कप्तान तैनात किए गए है।

304 विद्युत चोर गिरफ्तार : विद्युत चोरी रोकने हेतु की जा रही कार्यवाही के अन्तर्गत बीते त्रैमास में 12732 उपभोक्ताओं को चेक किया गया, जिनमें से 6068 मामले विद्युत चोरी के पकड़े गए। मौके पर 2463 मामलों में 5 करोड़ 72 लाख रुपए की धनराशि शमन शुल्क के रूप में वसूली गई। बिजली चोरी के संबंध में 1547 प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई तथा 304 विद्युत चोरों को गिरफ्तार किया गया।
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