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बीस साल बाद मिली उम्रकैद
उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में जिला सत्र न्यायालय ने बीस वर्ष पूर्व अदालत के एक पेशकार की हत्या के मामले में सात अभियुक्तों को सोमवार को आजीवन कारावास व 15000 रुपए जुर्माना भरने की सजा सुनाई है तथा उनके एक अन्य साथी को सात वर्ष का कारावास व दस हजार रुपए का अर्थदंड दिया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना बीस वर्ष पूर्व तीन फरवरी 1988 की है, तब थाना जमुनापार क्षेत्र के लक्ष्मीनगर निवासी पेशकार रमेशचंद को पुरानी रंजिश के चलते विरोधी पक्ष के आठ लोगों ने मिलकर बेरहमी से उसकी पिटाई कर दी थी, जिसकी अस्पताल ले जाते वक्त मृत्यु हो गई। उनका एक अन्य साथी भी मरणासन्न स्थिति में पहुँच गया था।

इस संबंध में पुलिस द्वारा सभी नामजदों को गिरफ्तार करने के बाद मुकदमा प्रारम्भ किया गया, तो निर्णय आने तक बीस बरस लगे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्रसिंह ने जिले के बहुप्रतीक्षित मुकदमे का फैसला सुनाते हुए आठों अभियुक्तों को दोषी करार दिया। उन्होंनें दोनों पक्षों की दलीलों व गवाहों के बयानों के आधार पर लक्ष्मीनगर निवासी झम्मन के पुत्र प्रताप, बैजनाथ के मुन्नी लाल व जयप्रकाश, मोहनसिंह के तीनों पुत्रों सोहनसिंह, भगवानसिंह व बच्चू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

जबकि झम्मन के दूसरे पुत्र बच्चू को जानलेवा हमला करने का दोषी मानते हुए सात वर्ष का कठोर कारावास तथा दस हजार रुपए का अर्थदंड दिया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्तों को डेढ़-डेढ़ वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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