राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केन्द्र बीकानेर के तत्वावधान में देश की पहली केमल मिल्क डेयरी अगले माह स्थापित की जाएगी। केन्द्र के निदेशक डॉ. केएमएल पाठक ने बताया कि 10 मई को केन्द्रीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक डॉ. एससी प्रसाद इस डेयरी का उद्घाटन करेंगे।
उन्होंने बताया कि डेयरी में उपकरणों इत्यादि की खरीद के लिए केन्द्र ने तीस लाख रूपए की राशि दी हैं। इस डेयरी में केन्द्र की 32 श्रेष्ठ नस्ल की दुधारु ऊँटनी रखी गई है तथा प्रयोगशाला के माध्यम से ऊँटनी के दूध के रेकार्ड तथा रोग संबंधी जानकारी रखी जाएगी।
डॉ. पाठक ने बताया कि ऊँट पालकों को दुग्ध संकलन तथा डेयरी उत्पादों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही केन्द्र पर ऊँट डेयरी प्रकोष्ठ भी स्थापित किया जाएगा। केमल मिल्क डेयरी से अन्य राज्यों को भी ऊँटनी का दूध उपलब्ध कराया जाएगा। मैसूर नायडा के ऊँट पालकों के समूह ने भी डेयरी खोलने की इच्छा जताई हैं।
उधर कजाकिस्तान की मरकर कंपनी ने बीकानेर क्षेत्र में 300 बीघा जमीन लेकर केमल मिल्क डेयरी स्थापित करने की योजना बनाई है। इस बारे में कंपनी के अधिकारियों का दल आने वाला है। पिछले कुछ अर्से में उँटनी के दूध की माँग बढ़ने लगी हैं।
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