पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की आलोचना करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने सोमवार को कहा कि राज्य के लोगों ने अत्याचार और उत्पीड़न की शिकायत की है।
उन्होंने यहाँ एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि नंदीग्राम में महिलाएँ, बच्चे और किसान अभी भी तकलीफ में हैं। उन्होंने कहा- लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।
संप्रग सरकार को वामपंथी दलों के सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों को सत्ता से दूर रखने के लिए उन्होंने धर्मनिरपेक्ष दलों का समर्थन लिया है, लेकिन कांग्रेस किसी भी कीमत पर विचारधारा और नीतियों का बलिदान नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जहाँ कहीं भी अन्याय होगा, कांगेस को उसका मुकाबला करने का पूरा अधिकार है। सोनिया ने कहा कि अगर कानून व्यवस्था सही ढंग से कायम नहीं हुई तो पूरी प्रणाली पर उसका प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह खेद का विषय है कि लोग अत्याचार की शिकायत कर रहे हैं। यह गलत है, गलत है, गलत है। यह नहीं होना चाहिए था।
संप्रग सरकार के कार्यक्रमों की ओर रुख करते हुए उन्होंने कहा कि हम हर वर्ग के लोगों की भलाई चाहते हैं और मनमोहनसिंह सरकार ने सभी के कल्याण और लाभ के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार की योजनाएँ किसी खास राज्य के लिए नहीं हैं, बल्कि देश के हर राज्य के लिए हैं। विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री और राज्य इकाई के अध्यक्ष प्रियरंजन दासमुंशी भी जनसभा में मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि अगले माह पंचायत चुनाव होने हैं। दासमुंशी ने कहा कि सोनिया की जनसभा का पंचायत चुनावों से कुछ लेना-देना नहीं है।
पार्टीजन एकजुट हो काम करें : नेताजी सुभाषचंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बैठक में श्रीमती गाँधी ने पश्चिम बंगाल में पार्टी के अलग-अलग गुटों से कहा है कि वे सभी एकसाथ मिलकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुख प्रियरंजन दासमंशी के नेतृत्व में काम करें।
पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रदीप भट्टाचार्य के मुताबिक गाँधी ने उनसे लोगों तक पहुँचकर खासकर राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर केन्द्र की संप्रग सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न विकास कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता पैदा करने को भी कहा है।
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