उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के प्रवेश द्वार ऋषिकेश में मई के पहले सप्ताह में आरंभ होने वाली यात्रा के लिए अब तक तैयारियाँ लगभग शून्य हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए पालिका का 60 लाख रूपए का प्रस्ताव शासन में लंबित पड़ा हुआ है। यात्रा से पूर्व हर वर्ष होने वाली तैयारी बैठक भी निकाय चुनाव की गहमा-गहमी के चलते नहीं हो पाई है।
प्रति वर्ष देश-विदेश से यहाँ आने वाले चारधाम यात्रियों की व्यवस्था के लिए शासन व स्थानीय प्रशासन स्तर पर व्यवस्था की जाती है। इससे पूर्व यात्रा संबंधी उसकी समीक्षा एवं तैयारियों को अमलीजामा पहना दिया जाता रहा है, किंतु इस वर्ष यात्रा शुरू होने में केवल एक सप्ताह शेष है और तैयारियाँ मुकम्मल नहीं हो पाई हैं। गौरतलब है कि यात्रा के आरंभ होने से पूर्व आयोजित बैठक में यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था लागू करने अस्थायी सफाईकर्मियों को भर्ती सहित जल आपूर्ति विद्युत व्यवस्था आदि के साथ यात्रियों का पंजीकरण करना शामिल होता है, किंतु निकाय चुनाव के कारण यह तमाम व्यवस्था लड़खड़ा गई है, जबकि यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों का यहाँ आना शुरू हो गया है। पालिका के अधिशासी अभियंता ने यात्रा व्यवस्थाओं के लिए 60 लाख रूपए का प्रस्ताव बनाकर दो माह पूर्व शासन को भेजा है और पालिका शीघ्र ही अपने स्तर से इस दिशा में कार्य करना आरंभ कर देगी।
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