देश में दो हिन्दुस्तान होने की टीस अनुभव करते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गाँधी ने कहा है कि एक हिन्दुस्तान वह है, जो दिल्ली और भोपाल जैसे शहरों में बसता है, जहाँ लोगों को सभी सुख सुविधाएँ उपलब्ध हैं और दूसरा हिन्दुस्तान वह है, जो गाँवों और दूरदराज के इलाकों में रहता है, जहाँ लोग सुविधाओं से अब तक वंचित हैं। गाँधी ने रविवार को शाम यहाँ से लगभग 70 किलोमीटर दूर आदिवासी बहुल खितौली गाँव में आदिवासियों की एक विशाल आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश में दो हिन्दुस्तान बसते हैं- एक शहरों में, जहाँ हर सुख-सुविधा मौजूद है तथा दूसरा वह जहाँ सरकार की हरसंभव कोशिश के बावजूद आदिवासी पिछड़ों एवं दलितों के पास स्वास्थ्य, रोजगार, शिक्षा जैसी जरूरी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि इसलिए वह भारत भ्रमण कर आदिवासियों दलितों पिछड़ों और गरीबों की स्थिति का अध्ययन कर रहे हैं ताकि उनकी आवाज दिल्ली तक पहुँचा सकें। उन्होंने केन्द्र की राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना सर्वशिक्षा अभियान और वन अधिकार कानून का जिक्र करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में इन पर ठीक तरह अमल नहीं हो रहा है तथा जगह-जगह उन्हें इसमें भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही हैं। कांग्रेस महासचिव ने आदिवासी युवाओं को कांग्रेस की राजनीति में आने का खुला आमंत्रण देते हुए कहा कि उन्हें अपने समाज के उत्थान और सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुँचाने के लिए राजनीति को अस्त्र बनाना चाहिए।
सभा को केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री कांतिलाल भूरिया केन्द्रीय संचार राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया राज्य विधानसभा में विपक्ष की नेता जमुनादेवी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी प्रदेश चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष अजयसिंह राहुल एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया। (भाषा)
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