मौसम के भरोसे सबसे बड़ा जुआ खेलने वाले किसानों को अब अपने नुकसान की चिंता कम कर देनी चाहिए, क्योंकि मौसम विभाग ने दुनियाभर की तकनीकों को समाहित करके किसानों को पाँच दिन पहले से मौसम का पूर्वानुमान देने के ठोस इंतजाम कर लिए हैं। अब तक मौसम केंद्र 48 घंटे (दो दिन) का ही पूर्वानुमान देता है।
एक जून से जिला स्तर पर यह जानकारी मिलने लगेगी। इसके लिए प्रदेश को आठ जोन में बाँटा गया है। नई व्यवस्था के लिए मौसम विभाग डिस्ट्रिक्ट एग्रोमेट एडवायजरी सर्विस (डास) शुरू करने जा रहा है।
नई व्यवस्था में प्रदेश को 8 कृषि जोनों में बाँटा जाएगा। इनमें छिंदवाड़ा, इंदौर, जबलपुर, झाबुआ, खरगोन, मुरैना, पावरखेड़ा और सीहोर शामिल हैं। इसके अलावा टीकमगढ़ प्रस्तावित कृषि जोन है। इन जोनों के आस-पास के सभी जिलों के मौसम की जानकारी जुटाकर इसका डाटा तैयार किया जाएगा।
इसको 1 जून से पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इसके तहत मौसम का डाटा पहले दिल्ली जाएगा। वहाँ से वापस भोपाल केंद्र आएगा। इस डाटा को संबंधित क्षेत्रों के कृषि अधिकारियों व ग्रामीण इलाकों में भेजा जाएगा। ये लोग समय रहते किसानों को मौसम की जानकारी दे देंगे।
विभाग किसानों को पाँच दिन पहले वर्षा, अधिकतम व न्यूनतम तापमान, आर्द्रता, क्षेत्र में बादलों का घेरा आदि की जानकारी शामिल रहेगी। मौसम विभाग सप्ताह में दो दिन मंगलवार और सोमवार को बुलेटिन जारी करेगा। (नईदुनिया)
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