बिहार में मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है और असंतुष्ट उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को विधायक दल के नेता पद से हटाने की माँग से कम पर समझौता करने को तैयार नहीं हैं।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भाजपा में भड़के असंतोष को दूर करने के उद्देश्य से यहाँ आए पार्टी के बिहार मामलों के प्रभारी कलराज मिश्र ने नाराज विधायकों और मंत्रियों से अलग अलग मिलकर उनका पक्ष सुना।
नाराज विधायकों ने आरोप लगाया कि उप मुख्यमंत्री मोदी व्यक्तिगत हित के लिए पार्टी का गला काट रहे हैं इसलिए उन्हें नेता के पद से तुरंत हटाया जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर मोदी के पक्ष में भी कई विधायकों ने अपनी बातें रखीं और कहा कि बिहार को कुशासन से मुक्ति दिलाने के लिए मोदी ने 15 वर्षों तक संघर्ष किया है। वह आज भी बिहार के लोकप्रिय नेता हैं।
भाजपा सूत्रों ने बताया कि मिश्र ने दोनों पक्षों की बातों को धैर्य पूर्वक सुनने के बाद उन्हें आश्वासन दिया है कि वह वास्तविक स्थिति से संसदीय बोर्ड को अवगत करा देंगे हालाँकि मिश्र ने पार्टी नेताओं से वार्ता के बाद संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि पार्टी में संकट समाप्त हो गया है और कहीं किसी तरह का कोई असंतोष नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य में पार्टी नेतृत्व और विधायक दल के नेता को बदलने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है। नाराज नेताओं से बातचीत के दौरान भी किसी ने नेतृत्व में परिवर्तन की माँग नहीं की है।
उधर बागी विधायकों के अनुसार 'मोदी हटाओ अभियान' में शामिल करीब 30 विधायकों ने मिश्र से मुलाकात के बाद बैठक की जिसमें आगे की रणनीति तय की गई। बागी नेताओं ने दावा किया है कि पार्टी का केन्द्रीय नेतृत्व उनकी बातों से सहमत है और मोदी का हटना तय है।
|