भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपीनाथ मुंडे ने आज सभी सांगठनिक पदों से इस्तीफा दे दिया। मधु चव्हाण को पार्टी की मुंबई इकाई का प्रमुख नियुक्त किए जाने से नाराज होने और पार्टी के कथित तौर पर लोकतांत्रिक तरीके से काम नहीं करने की वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है।
मुंडे ने औरंगाबाद में संवाददाताओं से कहा कि मैंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया क्योंकि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से काम नहीं कर रही है। विधानसभा का बजट सत्र खत्म होने के बाद मैं इस पर बातचीत करूँगा।
मुंडे को अक्सर महाराष्ट्र में भाजपा का चेहरा बताया जाता रहा है। भाजपा नेता ने कहा कि वह पार्टी के साधारण कार्यकर्ता के रूप में राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे।
ऐसा समझा जा रहा है कि मुंडे ने अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को भेज दिया है। उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि मुंडे चव्हाण की नियुक्ति के खिलाफ थे। चव्हाण को प्रदेश भाजपा प्रमुख और मुंडे के विरोधी नितिन गडकरी का करीबी माना जाता है।
मुंडे की माँग पर राम नाइक, वेदप्रकाश गोयल और बाल आप्टे की सदस्यता वाली पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की समिति का गठन किया गया था कि प्रकाश मेहता की जगह पार्टी की नगर इकाई का प्रमुख किसे बनाया जाना चाहिए।
सूत्रों ने बताया कि समिति ने करीब 70 से 80 वरिष्ठ नेताओं पदाधिकारियों और नगर के पार्टी कार्यकर्ताओं से विचार विमर्श किया और मधु चव्हाण की नियुक्ति का फैसला किया।
यह नाम मुंडे को स्वीकार्य नहीं था इसलिए नियुक्ति एक साल तक नहीं हो सकी। गडकरी ने केंद्रीय नेतृत्व को चव्हाण की नियुक्ति में हो रही देरी के कारणों के बारे में सूचित किया था और इस मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और लोकसभा में विपक्ष के नेता के साथ चर्चा की थी।
सूत्रों ने बताया कि आडवाणी कल मुंबई में थे और उन्होंने चव्हाण की नियुक्ति के लिए हरी झंडी दी थी।
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