गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य सरकार के उपक्रम गुजरात अल्कलीज एंड केमिकल्स लिमिटेड (जीएसीएल) से कहा है कि कंपनी को अधिक बिजली सृजित करने के लिए पवन सौर संयुक्त बिजली परियोजना विकसित करनी चाहिए। गुजरात के भडौंच जिले के दाहेज स्थित संयंत्र में आयोजित एक समारोह में मोदी ने उक्त बात कही। मोदी ने कहा कि जीएसीएल ही है, जिसने कच्छ जिले के अबदासा तालुके में मोती सिंढोडी में 23.75 मेगावाट पवन बिजली परियोजना की स्थापना करने की पहल की है। उन्होंने कहा कि जीएसीएल को वर्ष 2010 तक अपना कारोबार। 200 करोड़ रुपए से दोगुना कर 2500 करोड़ रुपए करने के प्रयास करने चाहिए। मोदी ने कहा कि मुंबई से दिल्ली के बीच औद्योगिक गलियारा गुजरात को औद्योगिक रूप से विकसित होने तथा प्रदेश के युवाओं को रोजगार प्रदान करने के भरपूर अवसर देगा।
उन्होंने कहा कि आबू से मुंबई के बीच के क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत होने जा रही है जो गुजरात की कायाकल्प कर देगा। गुजरात के उर्जा मंत्री सौरभ पटेल ने जीएसीएल को विपणन नीति विकसित करने की सलाह दी तथा नमक उत्पादन के क्षेत्र में भी प्रवेश करने के लिए कहा है। जीएसीएल के अध्यक्ष और प्रदेश के मुख्य सचिव मंजुला सुब्रमण्यम ने कहा कि 40 मेगावाट की क्षमता वाले अतिरिक्त विंडमिल की स्थापना का निर्णय किया गया है तथा दाहेज में 90 मेगावाट के गैस आधारित बिजली इकाई की स्थापना योजना के दायरे में है। जीएसीएल के प्रबंध निदेशक गुरुप्रसाद मोहनपात्रा ने कहा कि जीएसीएल ने 2600 करोड़ रुपए की निवेश योजना को मंजूरी दी है।
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