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पुलिस रोकेगी साइबर अपराध
राज्य में बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए इन दिनों उड़ीसा राज्य पुलिस अपने यहाँ अत्याधुनिक साइबर तकनीक उपलब्ध कराने में जुटी हुई है।

उड़ीसा के पुलिस महानिदेशक गोपाल चंद्र नंदा ने बताया कि अत्याधुनिक साइबर फोरेंसिक सॉफ्टवेयर और हॉर्डवेयर सुविधाओं का विकास करने का प्रबंध किया जा रहा है। इस अत्याधुनिक तकनीक से जाँच अधिकारियों को रूबरू कराने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।

साइबर अपराध पर आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए नंदा ने कहा कि इस तरह के अपराधों से निपटने के लिए 2006 में एक साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन भी खोला गया था।

उन्होंने बताया कि बहुत तरह की बाध्यताओं के बावजूद इस पुलिस स्टेशन ने राज्य सरकार को दिए गए धमकी भरे ई-मेल सहित कुछ मामलों का सफलता पूर्वक निपटारा भी कर चुकी है।

उन्होंने उम्मीद जताई है कि कार्यशाला से राज्य पुलिस को साइबर अपराध की बारीकियों को समझाने में मदद मिलेगी। कार्यशाला में कम से कम 30 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।

पुलिस और कम्‍प्यूटर प्रोफेशनल ने साइबर अपराध सहित साइबर आतंकवाद पर भी अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।

इस कार्यशाला में आम लोगों के साथ होने वाले साइबर अपराध जैसे साइबर पोर्नोगॉफी, इंटरनेट के जरिए किसी का पीछा करना आदि जैसे गंभीर मामलों पर भी चर्चा की गई।

इस कार्यशाला में भाग लेने वालों ने ऑनलाइन जुआ, बुद्धिजीवी प्रापर्टी की चोरी और क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी पर चिंता भी जताई।
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