विशेष न्यायाधीश जेए क्षत्रिय ने रूपसिंह उर्फ रुप्पू (41) को 11 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ बलात्कार के आरोप में बारह वर्ष के कठोर कारावास एवं 500 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार तेंदूखेड़ा थाना के अन्तर्गत ग्राम बादीपुरा की इंद्रा कालोनी में रहने वाली अनुसूचित जनजाति की नाबालिग बालिका 26 मई 2005 को दोपहर में आम तोड़ने के लिए रुप्पू के घर के आँगन के सामने से निकली तो रुप्पू उसे पकड़कर घर के भीतर ले गया और उसके साथ बलात्कार किया।
शाम को लड़की के माता, पिता एवं बहन मजदूरी कर घर वापस लौटे तो उसने घटना का हाल अपने परिजनों को बताया और उनके साथ तेंदूखेड़ा जाकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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