राजीव गाँधी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रही नलिनी मुरुगन वेल्लूर जेल में पिछले महीने प्रियंका वढेरा से मुलाकात के बाद काफी राहत महसूस कर रही है।
यह बात उसके भाई पीएस भाग्यनाथन ने कही। उसने कहा कि नलिनी ने महसूस किया कि अनजाने में किए गए उसके पाप धुल गए हैं। गौरतलब है कि पहले इस मामले में भाग्यनाथन भी आरोपी था, लेकिन बाद में वह निर्दोष साबित हो गया। भाग्यनाथन ने अपनी बहन के हवाले से बताया कि प्रियंका से मिलने के बाद वह महसूस करती है कि उसके पाप धुल गए हैं, जो उसने अनजाने में किए थे।
भाग्यनाथन ने कहा कि यह बेहद निजी मुलाकात मीडिया में आ जाने से और इस पर चल रही अटकलों से उसको और उसकी बड़ी बहन को दु:ख पहुँचा। उसने बताया कि इस मुलाकात के बाद मेरी बहन काफी उत्साहित थी, लेकिन मीडिया में चल रही अटकलों से उसकी खुशी को झटका लगा है। उसने बताया कि मेरी बहन इस तरह की नहीं है, जो सुर्खियों में रहना पसंद करे।
भाग्यनाथन ने यह भी कहा कि नलिनी ने दोनों के बीच हुई बातचीत के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताया है। गौरतलब है कि नलिनी को उसके पति मुरुगन और दो अन्य के साथ मृत्युदंड दिया गया था तथा सोनिया गाँधी के हस्तक्षेप के बाद उसकी सजा उम्रकैद में बदल दी गई। इन्हें लिट्टे कार्यकर्ता बताया गया था।
नलिनी के सलाहकार एस. दुरईसामी ने बताया कि नलिनी की रिहाई की एक याचिका मद्रास उच्च न्यायालय में दी गई थी, जिस पर कोई निर्णय नहीं हुआ।
इस बीच प्रियंका वढेरा से मुलाकात के बाद सुर्खियों में आई नलिनी मुरुगन ने स्थानीय पत्रकारों के मिलने और बातचीत करने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। जेल अधिकारियों ने बताया कि जेल अधीक्षक ज्ञानन सौंदरी को सौंपे लिखित बयान में नलिनी ने कहा कि वह पत्रकारों से नहीं मिल सकती क्योंकि वह बीमार है।
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