हिमाचल प्रदेश की सरकार ने केंद्र सरकार से कहा है कि बंदरों के निर्यात को प्रतिबंध से तत्काल मुक्त किया जाए। फिलहाल हो यह रहा है कि हिमाचल में बंदरों की सेना फसलों को खराब कर रही है। इससे सरकार को खासा नुकसान हो रहा है।
वन विभाग की ओर से केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को पत्र लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि बंदरों के निर्यात पर पिछले ढाई दशक से लगे प्रतिबंध को समाप्त किया जाए। वन विभाग के सूत्रों ने यह जानकारी दी।
दरअसल 1982 में केंद्र सरकार ने पशुओं के अधिकारों की आवाज उठाने वाले लोगों की बात मानते हुए बंदरों के निर्यात पर रोक लगा दी थी। तब से यह पूरे देश में लागू है।
बंदरों का निर्यात अमेरिका और ब्रिटेन के लिए प्रतिबंधित किया गया है। दरअसल इन देशों में बंदरों पर प्रयोग किए जाते हैं, इसके लिए जमकर पैसा दिया जाता है।
हिमाचल में अभी करीब 3.5 से 4 लाख बंदर मौजूद हैं। इसीलिए प्रदेश सरकार केंद्र सरकार से बार-बार निवेदन कर रही है कि वह अपने ढाई दशक पुराने फैसले पर फिर से सोचे।
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