गुजरात में वडोदरा से 75 किलोमीटर दूर बोडेली नगर के निकट राज्य सड़क परिवहन निगम की एक बस के बुधवार सुबह पुल का रेलिंग तोड़कर नर्मदा नहर में गिरने से कम से कम 42 विद्यार्थियों समेत 44 लोगों की जान चली गई। हादसे में मारे गए सभी बच्चे परीक्षा देने जा रहे थे।
बस में लगभग साठ विद्यार्थी थे, जिनमें से चार ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचा ली, जबकि 16 से 18 लापता हैं। मृतकों में बस का चालक और कंडक्टर शामिल हैं।
वडोदरा के जिलाधिकारी विजय नेहरा ने बताया कि अब तक 44 शव निकाले जा चुके हैं और बचाव अभियान अभी चल ही रहा है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि कुछ छात्र नहर के पानी में दूर बह गए हैं।
मृतकों में बस ड्राइवर, कंडक्टर, 32 लड़कियाँ और 10 लड़के शामिल हैं। बच्चे बाघपुर से बोडेली परीक्षा देने जा रहे थे। इनकी उम्र 12 से 15 वर्ष बताई गई है।
इस बीच गुजरात सरकार ने दुर्घटना की उच्च स्तरीय जाँच के आदेश दिए हैं। दुर्घटना का कारण पता नहीं चल सका है। सरकार ने इसी के साथ दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की है।
नेहरा ने बताया कि सभी 44 शवों की शिनाख्त और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। दुर्घटना सुबह साढ़े छह बजे घटी जब अचानक ड्राइवर मधुसूदन आर्य बस पर अपना नियंत्रण खो बैठा और बस 60 फुट ऊँचे पुल का रेलिंग तोड़ते हुए बीस फुट गहरी नहर में जा गिरी।
दुर्घटना के बाद बोडेली में गुजरात माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षण मंडल की सभी परीक्षाएँ आज स्थगित कर दी गईं। दुर्घटना की खबर फैलते ही दुर्घटनास्थल पर बच्चों के अभिभावकों की भीड़ लग गई और हाहाकार मच गया। गुजरात के इतिहास की सबसे बड़ी घटना : गुजरात के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब किसी हादसे में इतनी बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों की मौत हुई है। इससे पूर्व 2000 में आए भूकंप की वजह से सैकड़ों बच्चे मारे गए थे, लेकिन वह एक प्राकृतिक आपदा थी, जबकि यह दुर्घटना मानवीय भूल की वजह से हुई है।
प्रशासन पर फूटा आक्रोश : जिन लोगों ने अपने मासूम बच्चों को खोया है, उनका आक्रोश जिला प्रशासन पर फूट पड़ा। लोगों का कहना था कि जानकारी देने के बाद भी प्रशासकीय अधिकारी करीब 2 घंटे बाद पहुँचे। यदि राहत का काम जल्दी शुरू हो जाता तो हो सकता था कि कुछ और बच्चों को बचाया जा सकता था।
ओवरटेक करने के कारण हुई दुर्घटना : प्राप्त जानकारी के अनुसार बस दुर्घटना ओवरटेक करने की वजह से हुई। नहर पर बना पुल सिंगल ट्रैक है। स्कूली बच्चों से भरी बस के ड्राइवर ने ओवरटेक करने की कोशिश की और रफ्तार पर वह नियंत्रण नहीं रख पाया, इसी वजह से यह बस रेलिंग तोड़ते हुए नहर में जा गिरी। ड्राइवर द्वारा ओवरटेक करने की जानकारी उन बच्चों ने दी है, जो इस हादसे के बाद जीवित बचे हैं।
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