मध्यप्रदेश में जबलपुर के एक वकील से इंटरनेट पर नामी कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि वकील ने कन्सलटेंट की नौकरी के लिए इंटरनेट पर अपना बायोडाटा डाला था। गत 23 जनवरी को उसके मेल बॉक्स में इंग्लैंड की एक टेक्सटाइल्स कंपनी का मेल आया, जिसमें लिखा था कि कंपनी भारतीय बाजार में प्रवेश कर रही है।
कंपनी के एक अधिकारी ने मेल पर रवीन्द्र से फिर से बायोडाटा, मेल आईडी और पते का प्रमाण भेजने का आग्रह किया। गुप्ता ने बायोडाटा एवं अन्य आवश्यक जानकारी कंपनी को मेल से भेज दी। इसके बाद गुप्ता व कंपनी के लोगों के बीच बातचीत होती रही।
कुछ समय बाद कंपनी के एक अधिकारी ने गुप्ता को जानकारी दी कि कंपनी ने उसे 200 डॉलर प्रतिमाह के वेतन पर भारत में कंपनी का प्रतिनिधि नियुक्त किया है। कंपनी के अधिकारी ने गुप्ता को मोबाइल पर बताया कि उसके नए बैंक खाते में सैय्यद जुबेर नाम के व्यक्ति ने 48 हजार पाँच सो रूपए ट्रांसफर किए है।
शर्त के अनुसार गुप्ता ने खाते से यह रकम निकाल कर कोर बैकिंग के माध्यम से कंपनी द्वारा बताए गए दिल्ली के एक बैंक में ब्रोकर यशवंत के खाते में 48 हजार पाँच सो रूपए ट्रांसफर कर दिए।
दिल्ली में उक्त खाते से यह रकम निकाल ली गई। शहर के नेपियर टॉउन स्थित बैंक के मैनेजर ने जब गुप्ता को बैंक में बुलाकर बताया कि उनके खाते में कर्नाटक निवासी सैय्यद जुबेर के 48 हजार पाँच सो रूपए धोखे से ट्रांसफर हो गए है, इसलिए यह राशि वापस की जाए।
गुप्ता ने इस मामले से संबंधित कागजात बैंक मैनेजर को बताते हुए पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद बैंक ने गुप्ता का खाता सील कर दिया। गुप्ता की शिकायत पर ओमती थाना पुलिस ने कल प्रकरण दर्ज कर मामले की जाँच प्रारंभ कर दी है।
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