कपड़ों और उपभोक्ता सामग्रियों की तरह देवी- देवता भी अब ब्रांडेड हो गए हैं तथा महँगाई की मार झेल रही जनता को अब ये कई गुना ज्यादा दामों में बाजार में उपलब्ध हैं।
ये देवी-देवता अब डी-मार्ट कंपनी के ब्रांड के तहत इटली और जर्मनी में बनाए जा रहे हैं तथा इनकी कीमत का दायरा 15 हजार रूपए से लेकर सात-आठ लाख रूपए तक है। डी-मार्ट कंपनी के प्रबंध निदेशक प्रवीण राव ने कहा कि ये उच्चवर्गीय उपभोक्ताओं ध्यान में रखकर निर्मित किए गए हैं तथा इसमें स्टर्लिग चाँदी का इस्तेमाल किया जाता है, जो कभी काला नहीं पड़ता।
इसके अलावा इसमें स्वारवोस्की क्रिस्टल लगे होते हैं तथा कभी-कभी इनमें सोने की भी पॉलिश का इस्तेमाल किया जाता है। डी-मार्ट में दुर्गा की मूर्ति की कीमत लगभग एक लाख 71 हजार रूपए है, जबकि कृष्ण की मूर्ति की कीमत 41 हजार पाँच सो रुपए, साईंबाबा की मूर्ति की कीमत 31 हजार रूपए तथा सबसे छोटे गणेशजी की मूर्ति की कीमत 12 हजार 500 रूपए है।
डी-मार्ट की मूल कंपनी डॉल्फिन मार्ट लिमिटेड है, जिसका सालाना कारोबार 150 करोड़ रूपए है। इसमें घरेलू सज्जा और उपहार खंड के लिए वस्तुएँ बनाने वाली कंपनी डी-मार्ट का सालाना कारोबार लगभग 18 करोड़ रूपए का है।
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