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बावरिया गिरोह के 8 सदस्य गिरफ्तार
अरविन्द शुक्ला
एसटीएफ की फील्ड इकाई आगरा को 12-13 मार्च की रात्रि थाना खैरागढ़ जनपद आगरा की जघन्य डकैती की घटना का पर्दाफाश करके आपराधिक जनजाति गिरोह के 8 दुर्दान्त सदस्यों को गिरफ्तार करने एवं डकैती का माल बरामद करने में सफलता प्राप्त हुई।

नन्दकिशोर पुत्र बनवारी हिसार (हरियाणा), अजय उर्फ अशोक पुत्र रामअवतार बल्लभगढ़ (हरियाणा), मुन्ना पुत्र बनवारी फरीदाबाद (हरियाणा), ओमी उर्फ ओमप्रकाश पुत्र बंशी बावरिया भरतपुर (राजस्थान), मुन्ना पुत्र नत्थू बावरिया भरतपुर (राजस्थान), कालू पुत्र पाँचूराम अलवर (राजस्थान), पप्पू पुत्र बनवारी भरतपुर (राजस्थान), रमेश पुत्र राधेश्याम भरतपुर (राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से क्वालिस गाड़ी, 5 तमंचे, रिवाल्वर, कई कारतूस, 500 ग्राम नशीला पावडर, खैरागढ़ जनपद आगरा की डकैती में लूटे गए सोने-चाँदी के जेवरात, पौने दो लाख रुपए के साथ सोने के कई जेवरात बरामद हुए हैं।

एसटीएफ को सूचना प्राप्त हो रही थी कि बावरिया गिरोह आगरा मण्डल में सक्रिय है तथा इसके द्वारा डकैती की घटनाएँ की जा रही हैं। इस सूचना पर एसटीएफ की फील्ड इकाई आगरा के निरीक्षक बीएस त्यागी के नेतृत्व वाली टीम को सक्रिय कर अभिसूचना संकलन करने हेतु निर्देशित किया गया।

दौरापतचलि कि नन्दकिशोर बावरिया गैंग जिसमें लगभग एक दर्जन सदस्य हैं और उनके द्वारा जनपद आगरा के थाना खैरागढ़ क्षेत्र में सुनार देवेन्द्र वर्मा जो कि जेवरात का व्यवसाय करता है, के 12-13 मार्च की रात्रि डकैती की घटना की गई थी। अपराधियों द्वारा देवेन्द्र वर्मा एवं उनकी पत्नी को मारपीट कर बन्द कर जेवरात लूटथे

11 अप्रैल को रात्रि लगभग 10.30 बजे सूचना प्राप्त हुई कि आपराधिक जनजाति का गिरोह जनपद आगरा के थाना बिचपुरी क्षेत्र में डकैती डालने हेतु आने वाला है। इस सूचना पर एसओजी एवं थानाध्यक्ष जगदीशपुर को अवगत कराया गया तथा एसटीएफ द्वारा एसओजी एवं थाना जगदीशपुर की टीम को साथ में लेकर रात्रि में ही बिचपुरी नहर पर चेकिंग प्रारम्भ की गई।

एक क्वालिस गाड़ी आती हुई देखकर मुखबिर द्वारा बताया गया कि यह नन्दकिशोर गैंग की गाड़ी है, जिसे चेकिंग हेतु रोकने का प्रयास किया गया तो उनके द्वारा पुलिस पार्टी पर फायरिंग की गई। इस पर पुलिस बल द्वारा आवश्यक बल प्रयोग कर 8 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर बरामद क्वालिस में बनी गुप्त केविटी से उपरोक्त जेवरात बरामद हुए।

गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में थाना खैरागढ़ में सुनार देवेन्द्र वर्मा के यहाँ डकैती की घटना को स्वीकार करते हुए बताया कि 12-13 मार्च की रात्रि में देवेन्द्र वर्मा के यहां विष्णु पंडित निवासी कुड़ियाना थाना व जिला मुरैना के कहने पर डकैती डाली थी। विष्णु पंडित ट्रक चलाता था तथा आगरा में तार चोरी की घटना में जेल गया था। वहाँ वर्ष 2002 में इसकी मुलाकात पप्पू बावरिया से हुई थी।

उसके 5 वर्ष बाद 2007 में पप्पू बावरिया के साथी रमेश बावरिया से मुलाकात हुई तथा उसको सुनार के यहाँ डकैती डालने के लिए बताया। देवेन्द्र वर्मा की विष्णु पंडित से काफी समय से जान-पहचान थी। घटना से 6 माह पूर्व विष्णु पंडित द्वारा रमेश बावरिया को सुनार देवेन्द्र वर्मा का घर दिखा दिया गया था।

डकैती के माल में से एक चौथाई हिस्सा विष्णु पंडित को भी मिला था। इस घटना में संलिप्त अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी व लूटे गए शेष माल की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। बरामद पावडर के बारे में बताया कि यह नशीला पावडर है।

जब डकैती आदि मौका नहीं मिल पाता है तो ये लोगों को गाड़ी में यात्री के रूप में बैठा लेते हैं तथा चाय-पानी में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर उनका सामान व नकदी आदि लूट लेते हैं। नन्दकिशोर फिरोजाबाद में डकैती की घटना में पूर्व में पकड़ा जा चुका है।
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