भारतीय सेना ने गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हरिद्वार से नौका अभियान शुरू किया। 14 अप्रैल को हरिद्वार के 'एल प्वाइंट' से शुरू हुए सेना के नौका अभियान का समापन 50 दिन बाद पश्चिम बंगाल के फरक्का बैराज पर होगा।
1700 किलोमीटर के नौका अभियान पर आज सुबह तड़के 'गोल्डन की इंजीनियर रेजिमैंट' के तीन अधिकारियों और 14 जवानों को बिग्रेडियर अजीत सैम ने झंडी दिखा कर रवाना किया।
बिग्रेडियर अजीत सैम ने कहा कि भारतीय सेना हमेशा से रोमांचक अभियानों की पक्षधर रही हैं 'गोल्डन की डिवीजन की इंजीनियर रेजिमैंट' का दल नौका अभियान के दौरान गंगा के किनारे बने धर्म स्थलों और ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों में जाकर 'गंगा माँ' को प्रदूषित होने से रोकने के लिए प्रेरित करेगा।
उन्होंने कहा कि अभियान से मैदानी भू-भागों की व्यवसायिक जानकारी और नौकायन का अनुभव भी दल को मिलेगा। अजीत सैम ने गंगा में बढ़ते प्रदूषण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा अभियान दल उन स्थानों पर सफाई का काम भी करेगा जहाँ गंगा किनारे गंदगी हैं तथा गंगा जल के नमूने एकत्र कर उनके परीक्षण के लिए भी दल के साथ विशेषज्ञ रवाना हो रहे हैं।
अभियान दल गंगा किनारे क्षेत्रों में रहने वाले भूतपूर्व सैनिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं के समाधान का काम भी करेगा। अभियान के कमांडिग ऑफिसर अजय गर्ग ने कहा कि गंगा अभियान को लेकर जवानों में बहुत जोश, भरोसा और उत्साह हैं, एक नेक काम और अनुभव दोनों चीजें साथ हें तो अभियान रोमांचक होगा ऐसा मेरा सोचना हैं। अभियान को रवाना करने से पूर्व ब्रिगेडियर अजीत सैम ने गंगा किनारे ईश्वर की आराधना की तथा जवानों की सफलता की कामना करते हुए उन्होंने दल के जवानों से व्यक्तिगत मुलाकात भी की।
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