आम भारतीय के जीवन में महत्वपूर्ण रही साइकिल आने वाले दिनों में और महँगी हो सकती है। देश का साइकिल उद्योग कीमतों में कम से कम पाँच प्रतिशत बढ़ोतरी पर विचार कर रहा है।
प्राइमरी स्टील विनिर्माताओं द्वार हाट रोल्ड स्टील पर 5000 रुपए प्रति टन का अधिभार लगाए जाने से साइकिल निर्माताओं की उत्पादन लागत बढ़ी है।
इंडियन बाइसाइकिल मैन्युफेक्चर्स एसोसिएशन के प्रमुख सतीश ढांडा ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उद्योग को साइकिलों की कीमतों में अब कम से कम पाँच प्रतिशत की बढ़ोतरी करनी होगी।
प्राइमरी स्टील विनिर्माताओं ने कीमतें कल से बढ़ा दी है। साइकिल के निर्माण में काम आने वाले कच्चे सामान में 75 प्रतिशत हिस्सा एचआर काइल का है।
ढांडा ने कहा कि एचआर काइल की दरों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी का सीधा असर साइकिल उद्योग पर पड़ेगा क्योंकि यह साइकिल निर्माण में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि उद्योग ज्यादा से ज्यादा अगले दस दिन इंतजार करेगा और अगर सरकार ने स्टील कीमतों में कमी के लिए कोई पहल नहीं की तो साइकिलों की कीमतें बढ़ा दी जाएँगी।
उन्होंने बताया कि एचआर स्टील कीमतों में बढ़ोतरी से प्रति साइकिल उत्पादन लागत 102 रुपए बढ़ गई है। इस्पात कीमतों में निरंतर तेजी के चलते जनवरी के बाद से साइकिल की उत्पादन लागत में 16 प्रतिशत बढ़ोतरी आ चुकी है।
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