वरिष्ठ भाजपा नेता व सांसद श्रीमती सुषमा स्वराज ने शनिवार को यहाँ तूलिका की ओर से कला, साहित्य, पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाली महिलाओं का सम्मान किया।
श्रीमती स्वराज के हाथों पत्रकारिता जगत में महिलाओं का मोर्चा संभाले श्रीमती निर्मला भुराड़िया को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि श्रीमती भुराड़िया वर्षों से 'नईदुनिया' से जुड़ी हैं।
समारोह में साहित्य क्षेत्र में सालों से रचना कर्म में जुटीं सुश्री कृष्णा अग्निहोत्री और कथक नृत्यांगना सुश्री वी. अनुराधासिंह का भी सम्मान किया गया।
मैं तो प्रतिनिधि मात्र : गत 17 सालों से 'नईदुनिया' में संपादन कार्य कर रहीं श्रीमती निर्मला भुराड़िया ने विशेष बातचीत में बताया कि पाठक-दर्शक-समाज कलम के थाती हैं। नौ सौ से अधिक सामाजिक एवं स्त्री विमर्श आलेख लिखने वाली श्रीमती भुराड़िया कहती हैं कि उन्हें मिला तूलिका सम्मान दरअसल इस बात का प्रतीक है कि पाठकों तक उनकी बात पहुँची है, वे तो एक प्रतिनिधि मात्र हैं।
गौरतलब है कि श्रीमती भुराड़िया 1999 में लंदन में हुए विश्व हिन्दी सम्मेलन और 2006 में अमेरिकी सरकार के आयोजन 'विदेशी ओपिनियन लीडर' में शिरकत कर चुकी हैं। साथ ही 2002 में उन्हें काशीबाई मेहता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
अच्छा लगता है : तूलिका सम्मान कार्यक्रम में सम्मानित डॉ. कृष्णा अग्निहोत्री ने कहा कि योग्यता को सम्मानित किया जाना अच्छा लगता है। बाजार के चक्कर में अयोग्य को योग्य बनाकर सम्मानित किया जाना अनुचित है। 'अपने-अपने कुरुक्षेत्र', 'ये क्या जमीं है दोस्तों' उनकी उल्लेखनीय कृतियाँ हैं।
मात्र छः वर्ष की उम्र से सार्वजनिक प्रस्तुतियाँ दे रहीं कथक नृत्यांगना सुश्री वी. अनुराधासिंह की अनुपस्थिति में उनकी माता श्रीमती निर्मलासिंह ने तूलिका सम्मान ग्रहण किया। (नईदुनिया)
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