बुराई को छिपाने से वह और बढ़ती है। अगर उसको उजागर कर दिया जाए तो उसके दुष्परिणामों से इनसानों को सबक मिलता है1 यह मानना है सुप्रसिद्ध निर्देशिका एकता कपूर का।
एकता व सास भी कभी बहू थी की तुलसी यानी स्मृति ईरानी सीरियल में पुनः लौटने के बाद आज श्रीनाथजी के दर्शन के बाद उदयपुर में पत्रकारों से वार्ता कर रही थीं।
एकता कपूर ने कहा कि उन्होंने अपने आने वाले सीरियल की सफलता के लिए सीरियल की सीडी एवं राजभोग का प्रसाद भगवान श्रीनाथजी को चढ़ाया व अपने तथा अपने परिवार की खुशियों के लिए दुआ की।
स्मृति ने कहा कि वे पिछले हफ्ते ही श्रीनाथजी के दर्शन करके गई थीं और आज फिर उदयपुर आई हैं। एकता कपूर के सीरियल में फिर लौटने की यह वजह नहीं है कि बालाजी के बैनर ने उन्हें प्रसिद्धि दी, बल्कि उनके साथ काम करने का अलग अर्थ है, इसलिए वे पुनः सास बहू सीरियल में काम करने को राजी हुईं।
स्मृति ने बाल ठाकरे के बयान के संदर्भ में कहा कि राज ठाकरे को महाराष्ट्र की राजनीति में पूरे देश को नहीं धकेलना चाहिए। बढ़ती महँगाई के बारे में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह तथा वित्तमंत्री इस महँगाई को रोकने में पूरी तरह से विफल हुए हैं। आज आदमी की कमर पूरी तरह टूट चुकी है। महँगाई की दर सात प्रतिशत से अधिक हो गई है, जिससे आम आदमी का जीना दुश्वार हो गया है।
एकता ने कहा कि उन्हें 'क' व 'ब' नाम से बहुत अधिक प्यार है तथा उनका विश्वास अंक शास्त्र में है। यह दोनों अक्षर दो से संबंध रखते हैं इसलिए वह 'क' नाम से सीरियल की शुरुआत करती हैं और इसे उन्होंने आजमाया हुआ है। वह आने वाले समय में दो-तीन और सशक्त सीरियल लेकर आ रही हैं।
एकता ने कहा कि उनकी सफलता का पता इस बात से चलता है कि उनके सीरियल में जो पात्र काम करते हैं वास्तविक जिंदगी में भी लोग उन्हें उसी नाम से जानते हैं। पार्वती, तुलसी, बा, मिहिर आदि इसके अनेक उदाहरण हैं। पात्रों का आना-जाना तो कथानक के हिसाब से चलता रहता है, मगर वह कितने समय तक लोगों को याद रहता है उसी में उसकी सफलता है।
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