योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा है कि विश्व में बढ़ रहे आतंकवाद एवं हिंसा का समाधान भी योग से हो सकता है।
डीजल लोकोमोटिव परिसर में शुरू हो रहे छह दिवसीय योग विज्ञान शिविर में भाग लेने आए बाबा रामदेव ने यहाँ कहा कि अशांति से मन में घृणा, तनाव, आडम्बर एवं विद्वेष पनपता है। योग एवं प्राणायाम से मन को शांत किया जा सकता है।
स्वामीजी ने कहा कि उन्होंने कई जेलों में योग शिविर का आयोजन किया, जिसके चलते कैदियों के व्यवहार में आशातीत परिवर्तन आया। उन्होंने कहा कि योग के अभ्यास से आतंकवादियों के दिलों में भी परिवर्तन लाया जा सकता है।
स्वामीजी ने कहा कि कुछ लोग यौन शिक्षा के नाम पर शिक्षा मंदिरों को सेक्स का केन्द्र बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बौद्धिक दिवालिएपन की निशानी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंदिरों में भोग नहीं योग की शिक्षा अनिवार्य दी जानी चाहिए। स्वामीजी ने कहा कि आज हमारी युवा पीढ़ी नशे एवं वासना के चंगुल में फँस गई है। वह हिंसा एवं अपराध में लिप्त होती जा रही है। इन सब समस्याओं का समाधान योग में है।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि वे मेडिकल रेमेडी एक्ट का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं। वे लोगों को कोई जादू नहीं दिखाते और न ही जादू-टोना की बात करते हैं।
उन्होंने दावा किया कि योग के बल पर उन्होंने कैंसर जैसे असाध्य रोगों का इलाज किया है। योग के अभ्यास से ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर एवं श्वास रोग से ग्रस्त लोगों को लाभ हुआ है। दुनिया योग को बहुत तेजी से अपना रही है।
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