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पानी पर तैरेगी सबसे बड़ी रंगोली
चामुंडा की नगरी देवास में बनेगा विश्व कीर्तिमान
अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'
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1857 के क्रांतिकारी विद्रोह के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शहीदों की स्मृति को जीवंत करने के उद्‍देश्य से देवास के 7 लाख 56 हजार वर्गफुट (17 एकड़) क्षेत्रफल में फैले मीठा तालाब में विश्व की सबसे बड़ी जल रंगोली बनाई जा रही है।

विश्‍व की सबसे बड़ी गजल लिखने का रिकॉर्ड बनाने वाले राजकुमार चंदन के नेतृत्व में चैरिटी वेब ऑर्ट गैलरी के लिए 20 कलाकारों की टीम इस चुनौती भरे काम को अंजाम दे रही है। इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉडर्स के प्रतिनिधियों को भी बुलाया जा रहा है। 7 अप्रैल से शुरू हुआ रंगोली बनाने का कार्य 15 अप्रैल को पूर्ण कर लिया जाएगा।

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चंदन ने बताया कि ‍गिनीज बुक में दर्ज अब तक की सबसे बड़ी रंगोली 7 एकड़ भूमि पर कनाडा में बनाई गई है, जबकि हम पानी पर तैरती रंगोली बनाने का विश्व रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं, जो अपने आप में अनूठा और चुनौतीपूर्ण भी है। रंगोली को सबसे बड़ा खतरा आँधी से है, जो एक ही झटके में पूरी मेहनत पर पारी फेर सकती है।

चैरिटी वेब ऑर्ट गैलरी के अध्यक्ष मणीचंद्र सेन ने बताया कि शासन-प्रशासन से इस संबंध में हमें सहयोग मिल रहा है। जिलाधीश नवनीत कोठारी आयोजन स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं तथा उन्होंने यथा संभव सहयोग का आश्वासन दिया है। नगर निगम की और से प्रकाश व्यवस्था की गई है और अब कलाकारों का दल दिन-रात जुटा हुआ है।

देवास के महापौर शरद पाचुनकर ने कहा कि स्थानीय कलाकारों द्वारा किया जा रहा यह कार्य बहुत ही सराहनीय और प्रशंसनीय है। रंगोली बनाने की भारत में पुरानी परंपरा रही है और माना भी यह जाता है कि घर के सामने इसे बनाने से घर में अच्छी ऊर्जा और भावना का संचार होता है। चामुंडा की नगरी में यदि मीठा तालाब पर विश्व की सबसे बड़ी जल रंगोली बनाने का रिकॉर्ड बनता है तो निश्चित ही यह देवास के लिए गौरव की बात होगी। नगर निगम कलाकारों को हर संभव सहयोग दे रहा है।

रंगोली बनाने के लिए सामग्री : रंगोली कार्यक्रम के संयोजक ओम नवगोत्री ने बताया कि इस रंगोली को बनाने में लगभग 90 किलो प्राकृतिक रंगों का उपयोग होगा। प्लास्टिक पाइप, बाँस-बल्लियाँ और 8 किलोमीटर लंबी रबर लॉक, 7 मोटर ट्यूब्स, 20 लाइफ जैकेट, सात नावों की मदद से इस कार्य को संपन्न किया जा रहा है। इन सबके अलावा लाइट व्यवस्था, टेंट, 3 वॉचमैन और तालाब के चारों और बेरीकेट्स आदि का इंतजाम किया जाएगा।

रंगोली बनाने के दौराजोखिम : 17 एकड़ में फैला मीठा तालाब पानी से लबालब भरा हुआ है, जिसमें सिंघाड़े की जानलेवा बेल के साथ ही साँप एवं अन्य जहरीले जीव भहैं। कई मौतों का गवाह रहा यह तालाब कहीं-कहीं तो इतना गहरा है कि वहाँ तक नाविकों को भी जाने में डर लगता है।

इस बारे में चंदन ने बताया कि हम इस बात का विशेष ध्यान रख रहे की जल जीवन सुरक्षित रहे। हमारे कार्य की वजह से इन जीव-जंतुओं को कोई नुकसान न हो। इसके लिए हमने रंगोली का आकार इस तरह से प्लान किया है कि तालाब के भीतर जंतुओं को हवा और प्रकाश मिलता रहे। जहाँ तक हमारी टीम की सुरक्षा का सवाल है तो हम इसके लिए पूरी सतर्कता बरतेंगे ही लेकिन फिर भी हमने शासन-प्रशासन से 15 बचाव दल के लोगों की माँग की है, जिसमें लोकल होमगॉर्ड तथा प्रशिक्षित तैराक होंगे।

रंगोली दर्शन : रंगोली के आकर्षण को देखने के लिए माताजी की पहाड़ी स्थित जैन मंदिर पर दो दूरबीन लगाई जाएँगी और तालाब के आसपास ऐसी व्यवस्था होगी, जहाँ से दर्शक रंगोली को निहार सकें। एयर क्रॉफ्ट से भी रंगोली के शॉट्‍स लिए जाएँगे।

कलाकार जिन्होंने इस चुनौती को स्वीकारा : ओमप्रकाश चंदेल, रमेश पटेल, कैलाश सोनी, नीरज पाटीदार, महेंद्र सो‍लंकी, अर्पित दुबे, भरत वर्मा, परवेज खान, मोहन चाटसे, अभिषेक उपाध्‍याय, एजाज शेख, अजय चौहान, प्रतीक रघुवंशी, नरेंद्र गोस्वामी, इरम खान, कविता सिसोदिया, नयन कानूनगो और अजय गोस्वामी।
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