महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री आरआर पाटिल ने बुधवार को राज्य विधानसभा में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी दीपक पांडे को बहुचर्चित 'अकोला सेक्स कांड' की जाँच पूरी होने तक निलंबित करने की घोषणा करने के साथ ही गृह विभाग के कामकाज को लेकर विपक्ष के विभिन्न आरोपों का प्रतिरोध किया।
पाटिल ने जो कि गृहमंत्री भी हैं, राज्य सरकार के वर्ष 2008-09 के बजट के तहत गृह विभाग की अनुदान माँगों पर सदन में हुई चर्चा के उत्तर में अकोला के पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात पांडे के निलंबन की घोषणा की।
पांडे के निलंबन का यह दूसरा मौका है। उन्हें उनकी पत्नी एवं महाराष्ट्र के ही सिंधुदुर्ग जिले की कलेक्टर पद पर तैनात भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी निधि पांडे के साथ दुर्व्यवहार के आरोप में तीन वर्ष पहले भी तब निलंबित किया गया था, जब वे यहाँ राजभवन में राज्यपाल के एडीसी के रूप में तैनात थे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अकोला सेक्स कांड में वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के शामिल होने के बारे में जिस महिला ने आरोप लगाए हैं, उसने खुद सेक्स वर्कर होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि फिर भी जब तक जाँच पूरी नहीं हो जाती, पांडे निलंबित रहेंगे।
गौरतलब है कि निधि पांडे को गत सोमवार यहाँ मंत्रालय की सीढ़ियों पर किसी ने धक्का देकर घायल कर दिया था और इसकी प्राथमिकी दर्ज करने में टालमटोल को लेकर भी विधान परिषद में विपक्ष ने सवाल खड़े किए थे। बाद में उस मामले में अतिरिक्त मुख्य सचिव के हस्तक्षेप की बदौलत मरीन ड्राइव पुलिस थाने में प्रथमिकी दर्ज कराई जा सकी। इसमें भी पांडे पर संदेह व्यक्त किया गया है।
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