कोलकाता में सीआईडी के अनुरोध पर छह माह के भीतर एक शव को दोबारा खोद कर निकाला गया। पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में रहने वाले कमल सरकार की पिछले साल सात जुलाई में मौत हो गई थी। कमल की मौत के बारे में एक स्थानीय डाक्टर ने मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया था जिसमें कहा गया था कि उसकी मौत ह्दय रोग संबंधी तकलीफ के कारण हुई थी। लेकिन कमल की माँ ने संदेह व्यक्त किया था कि उसकी हत्या की गई है और यह हत्या कमल की पत्नी नंदिता ने की है। इसके बाद कमल की माँ ने मुख्य न्यायिक अधिकारी की अदालत में इस बाबत गुहार लगाई।
अदालत के आदेश पर शव को खोद कर निकाला गया और उसका पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कमल का गला घोंटकर हत्या करने की आशंका जताई गई।
सोनमपुर पुलिस ने 23 जनवरी को नंदिता को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन बाद में उसे जमानत पर छोड़ दिया गया था। इसके बाद कमल की माँ ने दो फरवरी को सीआईडी के डीआईजी के समक्ष गुहार लगाई। सीआईडी ने मामले की रिपोर्ट बारीपुर के कार्यकारी मुख्य न्यायिक अधिकारी की अदालत में प्रस्तुत की।
रिपोर्ट में कहा गया था कि उन्हें कमल की मौत के मामले में किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका नजर नहीं आई। हालाँकि सीआईडी ने दोबारा शव को खोद कर निकालने की अनुमति माँगी थी।
सीआईडी के डीआईजी (स्पेशल) पी. नीरज नयन ने बताया हमने शव को खोद कर दोबारा बाहर निकालने के लिए निवेदन किया था। अदालत ने इसकी मंजूरी दे दी थी। हम शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजेंगे।
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