अप्रवासी भारतीय कारोबारी लॉर्ड स्वराज पॉल ने आज कहा कि बचपन में वे रवीन्द्रनाथ टैगोर से बहुत प्रभावित थे।
वे यहाँ पर ब्रिटेन के राष्ट्रमंडल संसद संगठन के मुख्य प्रतिनिधि के तौर पर आए हैं।
पॉल ने कहा कि वे 10 अप्रैल को 'शांति निकेतन' जाएँगे क्योंकि शांति निकेतन जाना उनके लिए तीर्थयात्रा पर जाने जैसा है।
उन्होंने कहा कि वे रामकृष्ण मठ तथा मिशन के यहाँ के मुख्यालय बैलूर मठ जाएँगे। साथ ही साथ वे कोलकाता में फिक्की सदस्यों को भी संबोधित करेंगे।
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