पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में दोबारा बर्ड फ्लू फैलने की पुष्टि होने के साथ ही प्रशासन ने 25 हजार मुर्गे-मुर्गियों को मारने का निर्णय लिया है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि राज्य में बांग्लादेश की सीमा से सटे धलाई जिले में पिछले दो सप्ताह में सैकड़ों मुर्गियाँ मारी जा चुकी हैं। मृत कुक्कुटों की जाँच में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई।
सूत्रों का कहना है कि राज्य में बाहर से आने वाले कुक्कुट उत्पादों पर प्रतिबंध लगाते हुए रेड अलर्ट की घोषणा कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि राज्य की 856 किलोमीटर लंबी सीमा पड़ोसी देश बांग्लादेश से लगती है। सीमा सुरक्षा बल और विशेष निगरानी दल सीमा पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।
सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश की सीमा से सटे धलाई जिले के पोल्ट्री हाउस के अलावा कमालपुर सब डिवीजन के तीन गाँवों मोहनपुर, मलाया और तिलागंग में कम से कम 3000 कुक्कुट बर्ड फ्लू के कारण मारे जा चुके हैं।
मृत कुक्कुटों के नमूने जाँच के लिए भोपाल की उच्च सतर्कता पशु रोग परीक्षण प्रयोगशाला में भेजे गए थे। जाँच की प्राथमिक रिपोर्ट रविवार को प्राप्त हुई। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और प्रभावित इलाके के पाँच किलोमीटर के दायरे में आने वाली आठ ग्राम पंचायतों में 25 हजार कुक्कुटों को मारने का फैसला किया गया। प्रशासन ने कुक्कुटों को मारने के लिए 200 दस्ते तैयार किए हैं। इसके साथ ही किसी भी स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली से बर्ड फ्लू निरोधक मँगाए गए हैं।
राज्य के पशु संसाधन विभाग के आयुक्त वी. व्यंकेटेश्वरलू ने एक उच्च स्तरीय बैठक में हालात की समीक्षा की है। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में इस वर्ष जनवरी में जबरदस्त बर्ड फ्लू फैला था। बीमारी पर काबू पाने के लिए पोल्ट्री हाउस के करीब 40 लाख कुक्कुटों को मारा गया था।
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