असम में जबरदस्त सुरक्षा इंतजामों के बावजूद सोमवार को स्थापना दिवस के अवसर पर उग्रवादी संगठन उल्फा ने असम में सार्वजनिक स्थानों पर झंडा फहराकर अपनी मजबूत उपस्थिति का जोरदार संकेत दिया।
उल्फा ने अपनी स्थापना की 30वीं वर्षगाँठ के अवसर पर पहली बार ऐसा किया है। इसके सदस्यों ने आज कोलकाता जाने वाली कामरूप एक्सप्रेस को भी उड़ाने की कोशिश की।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पीके महंता के बेटे श्यामंता कश्यप की अगुवाई वाली यूथ वेलफेयर एसोसिएशन ने 12 घंटे के राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। कश्यप ने सरकार से संगठन के साथ बातचीत करने की माँग करते हुए इस बंद का आह्वान किया है।
सूत्रों ने बताया कि उल्फा स्थापना दिवस के अवसर पर इस साल शांति रही। पिछले वर्षों के विपरीत इस साल प्रदेश हिंसा मुक्त रहा। प्रदेश के डिब्रूगढ़ जिले में उल्फा ने नामरूप रेलवे स्टेशन पर एक साइकिल में परिष्कृत विस्फोटक उपकरण लगाया था। उनके निशाने पर कोलकाता जाने वाली कामरूप एक्सप्रेस थी।
उन्होंने बताया कि उपकरण को 44 फील्ड रेजिमेंट के जवानों ने ढूँढ निकाला और उसे निष्क्रिय कर दिया।
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