एक नाबालिग लड़की के प्रेमी के खिलाफ लड़की के माता-पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत अब उन पर ही भारी पड़ने वाली है। दिल्ली उच्च न्यायालय लड़की की शादी अवैध तरीके से किसी अन्य व्यक्ति से करने के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
लड़की के माता-पिता के व्यवहार पर सख्त आपत्ति जताते हुए न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन की पीठ ने कहा कि एक नाबालिग लड़की को जबरन शादी करने के लिए मजबूर करने को लेकर आपराधिक मुकदमा का सामना करना पड़ सकता है।
पीठ ने कहा पुलिस को लड़की को लड़के के साथ पेश करना है, लेकिन आपको अपनी हरकत के लिए अभियोग का सामना करना पड़ सकता है। 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के माता-पिता लाजवंती और हेतराम ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमके शर्मा को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि उनकी पुत्री का अपहरण उनके पड़ोसियों ने कर लिया और पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने एक पन्ने के पत्र पर स्वत: संज्ञान लिया था।
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