6 से 20 अप्रैल तक चलने वाला पन्द्रह दिवसीय 'चिल्ड्रन्स फिल्म फेस्टिवल' सिटी मोन्टेसरी स्कूल एवं टाइम्स ऑफ इंडिया के एनआईई के संयुक्त तत्वावधान व चिल्ड्रन्स फिल्म सोसाइटी ऑफ इंडिया के सहयोग से बच्चों के लिए निःशुल्क आयोजित किया जा रहा हैं। चिल्ड्रन्स फिल्म फेस्टिवल का भव्य उदघाटन सी.एम.एस. गोमती नगर स्थित आईनॉक्स रिवरसाइड मल्टीप्लेक्स सिनेमा हाल में 5 अप्रैल को शाम 6 बजे होगा।
सिटी मोन्टेसरी स्कूल के तत्वावधान में लखनऊ में आयोजित हो रहा 15 दिवसीय द्वितीय चिल्ड्रन्स फिल्म फेस्टिवल निश्चित ही बच्चों के नैतिक चरित्र निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा। क्योंकि इन बाल फिल्मों में जो पात्र हैं वह जीवन के ही अंग हैं- जैसे माता-पिता, भाई-बहन, अध्यापक, मित्रगण इत्यादि। इसलिए बच्चों पर इनका गहरा प्रभाव पड़ता है और वे जीवन मूल्यों की शिक्षा ग्रहण करते हैं। उपरोक्त विचार चिल्ड्रन्स फिल्म सोसाइटी ऑफ इंडिया के चीफ एक्जीक्यूटिव आफीसर एवं भारत सरकार के फिल्म डिवीजन के चीफ प्रोड्यूसर कुलदीप सिन्हा ने व्यक्त किए।
सिन्हा आगामी 6 से 20 अप्रैल तक चलने वाले चिल्ड्रन्स फिल्म फेस्टिवल के उदघाटन समारोह हेतु मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ पधारे हैं।
सिन्हा ने कहा कि टेलीविजन व फिल्मों के बड़े पर्दे पर आजकल कई ऐसी चींजें दिखाई जाती हैं जिनका सीधा प्रभाव बच्चों के मन और मस्तिष्क पर पड़ता है। इसलिए बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगता और वे मानसिक रूप से अस्वस्थ हो जाते हैं। ऐसे में चिल्ड्रन्स फिल्म फेस्टिवल का एक खास उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ मनोरंजन के साथ उच्च विचार भी देना है, जिससे बच्चों में नैतिक और सामाजिक गुणों की बढ़ोतरी हो सके साथ ही वह एक स्वच्छ खुशहाल समाज का निर्माण कर सकें।
सी.एम.एस. के संस्थापक एवं शिक्षाविद जगदीश गाँधी ने कहा कि सी.एम.एस. का फिल्म्स डिवीजन केवल मनोरंजन के लिए नहीं है बल्कि यह शिक्षा का एक अभिन्न अंग है। बच्चे आजकल ऑडियों-विजुअल तरीके से जल्दी सीखते हैं। यह बच्चों को जीवन मूल्यों की शिक्षा देने का बड़ा ही सीधा व सरल तरीका है। सी.एम.एस. देश का पहला स्कूल है जो इस तरह का फिल्म फेस्टिवल आयोजित करता है।
गाँधी ने बताया कि इस चिल्ड्रन्स फिल्म फेस्टिवल के दौरान दिखाई जाने वाली बाल फिल्में छू लेंगे आकश, रवि, पछतावा, डाकिया, हीरे की अंगूठी, सबक, द मार्च ऑफ टाइम, पकड़ा गया अंगलिमाल, चीकू, गिली गिली आटा, सही रहा, मुबारक बेगम, अनोखा अस्पताल, कल की राहें, मुझसे दोस्ती करोग, अनमोल रतन, स्कूल इज द लाइट हाउस ऑफ सोसाइटी, बडू के साथ, घर किसका है, विरासत, राष्ट्र कवि प्रदीप, यूनिटी ऑफ व्हील, हाथी का अंडा, रोशनी आओ, दोस्ती करें, गुड एंड स्मार्ट, मदर टेरेसा, वर्डस ऑ विजडम आदि प्रमुख है।
सर्वे की अवधि बढ़ी : उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास विभाग ने गरीबी की रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन यापन कर रहे लोगों के सर्वे की अवधि 15 अप्रैल तक बढ़ा दी है। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास रोहित नन्दन ने कहा कि इस सम्बंध में आवश्यक निर्देश समस्त जिलाधिकारियों को दिए गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सम्प्रति प्रचलित बीपीएल सर्वे अंतिम चरण में है तथा नव-निर्धारित सीमा के अनुसार 15 अप्रैल,2008 तक इसे पूर्ण किया जाना है।
29 जनपदों में आलू खरीद : उत्तरप्रदेश के आलू किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर प्रदेश के आलू उत्पादकों के व्यापक हित में निर्णय लिए। उत्तरप्रदेश देश का सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य है। देश के कुल आलू उत्पादन का लगभग 42 से 45 प्रतिशत उत्तरप्रदेश में पैदा होता है। वर्ष 2007-08 में प्रदेश में 5.03 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगभग 130 लाख मी. टन आलू का उत्पादन संभावित है जो गत वर्ष के उत्पादन 100.27 लाख मी. टन से काफी अधिक है।
इन निर्णयों के क्रम में सरकार द्वारा बाजार हस्तक्षेप योजना के अन्तर्गत प्रमुख आलू उत्पादक 29 जनपदों में नैफेड तथा प्रदेश सरकार की संस्थाओं पीसीएफ, यूपी एग्रो तथा औद्यानिक उत्पादन, सहकारी विपणन संघ के माध्यम से समुचित मात्रा में क्रय केन्द्र खोलकर उत्पादन लागत मूल्य 250 रुपए प्रति कुन्तल की दर से आलू क्रय करने का निर्णय लिया गया है।
प्रचार नहीं करेगा नदवा : विश्वविख्यात इस्लामिक शैक्षिक संस्थान दारूल ऊलूम नदवतुल उलमा के सचिव मुहम्मद हमजा हसनी ने स्पष्ट किया है कि नदवा एक शैक्षिक संस्थान है जो सदैव राजनैतिक गतिविधियों से दूर रहा है, अतः इसका किसी राजनैतिक पार्टी हेतु प्रचार का प्रश्न ही नहीं उठता।
उल्लेखनीय है कि कुछ समाचार पत्रों में इस आशय का समाचार प्रकाशित हुआ था कि दारूल उलूम नदवतुल उलमा के एक अध्यापक मुहीउद्दीन के नेतृत्व में एक राजनैतिक पार्टी विशेष के लिए हो रहे उपचुनाव में उलमा प्रचार हेतु भेजे जाएँगे। सचिव मुहम्मद हमजा हसनी यह भी स्पष्ट किया है कि प्रोफ्रेसर मुहीउद्दीन नाम का कोई अध्यापक नदवा में कार्यरत नहीं है।
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