मलयालम फिल्मों के सितारे सुरेश गोपी को पुलिस की वर्दी पहनकर एक कार्यक्रम में जाना भारी पड़ गया।
बात यहाँ के एक कार्यक्रम की है, जिसे सामुदायिक सुरक्षा के लिहाज आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में सुरेश गोपी एक कानूनी मामले में उलझ गए। जब वे कार्यक्रम में आए तो वर्दी में थे और एक वकील ने उनके खिलाफ कानूनी मामला दायर कर दिया है। वकील का कहना है कि उन्होंने भारतीय दंड संहिता और केरल पुलिस अधिनियम का उल्लंघन किया है। इस अधिनियम के तहत पुलिस की वर्दी सार्वजनिक कार्यक्रमों में पहनकर नहीं जा सकते हैं और सुरेश ने वही किया। अदालत ने 3 मई को सुनवाई तय की है। कलाकार का अपने बचाव में कहना था कि वे शूटिंग कर रहे थे। जिस फिल्म की शूटिंग थी, उसमें किरदार पुलिस का था और कार्यक्रम में पहुँचने के लिए समय नहीं बचा था, इसलिए वे शूटिंग की ही वर्दी में कार्यक्रम में पहुँच गए।
उनका कहना है कि पुलिस की वर्दी का अनादर करने का उनका कोई इरादा नहीं था और न ही वे कानून तोड़ना चाहते थे। जहाँ तक वर्दी की बात है तो वह पूरी तभी होती है, जब वर्दी के साथ टोपी पहनी गई हो। जबकि मैंने टोपी नहीं पहनी थी। मैं कार्यक्रम में पहले से ही एक घंटे विलंब से पहुँचा था और यदि कपड़े बदलने के लिए रुकता तो और समय खराब होता।
मेरा मकसद केवल इतना था कि मैं सामुदायिक पुलिस की व्यवस्था को प्रोत्साहित करना चाहता था, ताकि पुलिस और जनता के बीच समाज का और भला हो सके। (नईदुनिया)
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