उत्तरप्रदेश एसटीएफ ने गुरुवार की रात ओसामा और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। इन पर धोखाधड़ी, कबूतरबाजी और पासपोर्टों में हेराफेरी के आरोप हैं।
गिरोह का सरगना ओसामा शोबरा है। उसके दो अन्य साथी मोहम्मद शीबू और मोहम्मद रिजवान हैं। इनसे बड़ी संख्या में पासपोर्ट, वीजा की प्रतियाँ तथा नकदी मिली है। अभियुक्तों के पास से 59 पासपोर्ट, एक लैपटॉप, 4 फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, 4 ब्लैंक चेक, तीन टाटा टेली सर्विस लि. के डिमांड ड्राफ्ट, एक ब्लैंक राशन कार्ड, वीजा की मूल व फोटोस्टेट प्रतियाँ भारी मात्रा में, दो मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल बजाज डिस्कवर सं. यूपी-32/बीवी-4711, चौदह हजार रुपए नकद तथा पुरुष और महिलाओं के 139 फोटोग्राफ बरामद हुए। बरामद पासपोर्ट पश्चिमी बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तरप्रदेश से जारी हुए हैं।
बताया जाता है कि विगत एक वर्ष से ओसामा अपने दोनों साथियों के साथ इस कार्य में लिप्त था। वह दिल्ली में विदेशी दूतावासों के आसपास घूम-फिरकर लोगों को अपने जाल में फाँसा करता था और एक पासपोर्ट के लिए 20 से 25 हजार रुपए वसूला करता था।
इसके संबंध खाड़ी देशों के दूतावासों में काम करने वाले कर्मचारियों से भी हो गए। ओसामा तान्या मैन पॉवर कन्सल्टेंट के नाम से प्लेसमेंट एजेंसी चलाता था। प्लेसमेंट दिलवाने के लिए इसने पेम्फ्लैट छपवाकर विभिन्न शहरों में वितरित भी किए।
ओसामा ने बताया कि वर्ष 2003 में उसने इलाहाबाद बैंक जानकीपुरम लखनऊ से हुसैन अहमद अब्बासी नाम के फर्जी व्यक्ति को खड़ा करके 14 लाख रुपए का लोन लिया था, जो आज तक अदा नहीं किया है। इसी तरह एचडीएफसी बैंक से नूरजहाँ नामक महिला को खड़ा कर साढ़े 4 लाख रुपए का लोन लिया। इसे भी अदा नहीं किया।
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