बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर जमीन सौदे में अनियमितता के आरोप में शिरडी के समीप भूखंड के मालिकाना हक रद्द किए जाने के आदेश को शुक्रवार को चुनौती दी। याचिका बंबई उच्च न्यायालय की औरंगबाद पीठ के समक्ष दायर की गई है। याचिका पर नौ अप्रैल को सुनवाई होगी।
रानी के वकील नानासाहेब चौधरी ने कहा कि अहमदनगर जिले के जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में कई विसंगतियाँ हैं और हम आदेश में कही गई कई बातों पर एतराज जताते हैं।
इस वर्ष जनवरी में उपसंभागीय अधिकारी ने सौदे में अनियमितता के आरोप में जमीन की ब्रिकी का सौदा रद्द करने और अभिनेत्री के कब्जे से जमीन लेने का आदेश दिया था।
दिसंबर 2005 में रानी मुखर्जी ने अहस्तांरणीय जमीन के लिए 33 लाख रुपए दिए थे और पंजीकरण के लिए स्टांप शुल्क के रूप में एक लाख 32 हजार रुपए अदा किए।
बहरहाल जमीन उनके नाम पर हस्तांतरण नहीं हो सका क्योंकि जमीन किसी किसान के नाम पर था। उपसंभागीय अधिकारी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक खरीदी गई जमीन कृषि भूमि है और इसीलिए गैर कृषक को जमीन हस्तांतरित करने से पहले सरकार की विशेष मंजूरी जरूरी है। चौधरी के मुताबिक लैंड सीलिंग रिवीजन मामले के तहत संभागीय आयुक्त को ही इस मामले की जाँच का अधिकार है।
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