विवादास्पद होगेनक्कल पेयजल परियोजना को लेकर मचे शोर-शराबे के बीच कर्नाटक में तमिल फिल्मों का प्रदर्शन कर रहे सिनेमाघरों पर हुए हमले के विरोध में शुक्रवार को पूरे तमिल सिनेमा उद्योग ने उपवास रखा और धरना दिया।
कॉलीवुड के नाम से मशहूर तमिल सिनेमा से जुड़े लोग आज सुबह 8 बजे से चेपक पर इकट्ठा होने लगे। विरोध प्रदर्शन में अभिनेताओं, तमिल फिल्म प्रोड्यूसर काउंसिल के प्रतिनिधियों और फिल्म एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ साउथ इंडिया सहित सिनेमा उद्योग से जुड़े कई संगठनों ने हिस्सा लिया।
इन संगठनों ने स्पष्ट किया कि आज के दिन शूटिंग सहित फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी गतिविधियों को स्थगित कर दिया गया है और विदेश में गई तमिल सिनेमा की यूनिटों को भी आज काम बंद रख कर उनके साथ एकता प्रदर्शित करने को कहा गया है। विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में शहर के सिनेमाघरों ने दोपहर और शाम के शो को स्थगित कर दिया है।
इधर मद्रास उच्च न्यायालय के वकीलों ने भी न्यायालय और प्राधिकरणों में कामकाज नहीं किया। हड़ताली वकीलों ने केन्द्र सरकार से कर्नाटक में तमिल फिल्मों को पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की माँग की। मद्रास उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ ने कल रात एक बैठक में कर्नाटक में राजनीतिक दलों द्वारा होगेनक्कल परियोजना को राजनीतिक रंग दिए जाने की निंदा की और कुछ कन्नड़ संगठनों द्वारा निर्दोष तमिलों किए हमलों पर विरोध प्रकट किया।
इसी तरह तमिलनाडु विधान सभा में भी आज तमिल फिल्म निर्माताओं को होगेनक्कल परियोजना के मामले में सरकारी रुख का समर्थन करने के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दी गई।
सदन के नेता और वित्तमंत्री के अनबाजगन ने पूरी विधानसभा की ओर से तमिल फिल्मों से जुड़े लोगों द्वारा तमिल हितों के लिए उपवास रखने और धरना दिए जाने पर बधाई दी। पूर्व अभिनेता और डीएमडीके के नेता विजयकांत ने धरना दे रहे लोगों के लिए विधानसभा द्वारा शुभकामनाएँ दिए जाने की माँग की थी।
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