जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए हिजबुल मुजाहिदीन के मुख्य प्रवक्ता को गिरफ्तार कर लिया।
उत्तर कश्मीर के पुलिस उपमहानिरीक्षक बी श्रीनिवासन ने पत्रकारों को बताया कि वर्ष 1990 से सक्रिय आतंकवादी अब्दुल खालिक उर्फ जुनैद उल इस्लाम को सुबह गिरफ्तार किया गया।
इस गिरफ्तारी को पुलिस के लिए बड़ी सफलता बताते हुए उन्होंने कहा कि हिजबुल मुजाहिदीन के लिए यह एक और तगड़ा झटका है इससे दो दिन पूर्व पुलिस ने इस संगठन के दो कमांडरों खलील उर रहमान और फजुल रहमान को उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा से पकड़ा था।
श्रीनिवासन ने बताया कि जुनैद हिजबुल मुजाहिदीन के प्रवक्ता काम के अलावा घाटी के भोले-भाले युवकों को अपने संगठन में शामिल करने के लिए बहकाकर उनकी भर्ती करता था। उन्होंने बताया कि जुनैद संगठन के पुराने सदस्यों में से एक है और वर्ष 1990 में वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) प्रशिक्षण लेने गया था।
उन्होंने बताया कि वह मीडिया से जुड़ा रहा और पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद से सदा-ए-हुर्रियत रेडियो के माध्यम से भारत विरोधी प्रचार करता रहा। वर्ष 2003 में भारत लौटने के बाद वह हिजबुल मुजाहिदीन के मुख्य प्रवक्ता के रूप में काम करने लगा और उसने कई बार मीडिया को आपत्तिजनक प्रेस विज्ञप्तियाँ जारी की। इसके अलावा जुनैद कई आतंकवादी घटनाओं में भी शामिल रहा।
उप महानिरीक्षक ने बताया कि जुनैद युनाईटेड जिहाद कॉंसिल सहित हिजबुल मुजाहिदीन के शीर्ष कमांडरों से जुडा था, जिनमें पीओके में रह रहे सैयद सलाउद्दीन के अलावा शमशुल हक, गाजी नसीरुद्दीन, आमिर खान और अन्य शामिल है। उन्होंने बताया कि गत एक सप्ताह में घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन के करीब 12 प्रमुख कमांडर या तो मारे गए या गिरफ्तार किए जा चुके है।
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