अपने तरह की एक अनूठी घटना में कम्प्यूटर 'वायरस' की कारस्तानी के चलते मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में 39 युवक पात्रता से कम अंक होने के बाद भी सरकारी नौकरी पा गए।
हालाँकि यह गड़बड़ी जल्द ही पकड़ में आ गई, जिससे वायरस की मेहरबानी से लगभग एक माह तक नौकरी करने वाले ये सभी युवक फिर से नौकरी की 'प्रतीक्षा सूची' में डाल दिए गए।
जिले के सेंधवा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एनएस रघुवंशी ने बताया कि 20 फरवरी 2008 को कार्यालय द्वारा 39 अभ्यर्थियों को संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 के पद पर नियुक्ति के आदेश दिए गए थे।
इन आदेशों पर कुछ अन्य अभ्यर्थियों द्वारा आपत्ति उठाए जाने पर की गई जाँच में पाया गया कि कार्यालय के कम्पयूटर के सॉफ्टवेयर में वायरस आ जाने के चलते वरीयता सूची, मेरिट लिस्ट, गलत तैयार हो गई।
रघुवंशी ने बताया कि वायरस की वजह से कई जानकारियाँ गायब हो गईं, जिसमें अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा सूची भी शामिल थी। उन्होंने बताया कि जारी हुई चौथी सूची में कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को नौकरी मिल गई तथा उन्होंने विधिवत पदभार ग्रहण कर करीब एक माह तक काम भी कर लिया।
रघुवंशी ने बताया कि प्राप्त आवेदन पत्रों के आधार पर पुनः वरीयता सूची तैयार कर योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति के आदेश प्रसारित कर दिए गए हैं तथा कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों, जिन्होंने नौकरी पा ली थी, के नियुक्ति आदेश निरस्त कर पुनः प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है।
उन्होंने कहा कि चूँकि गलती कम्प्यूटर की थी अतः इसके लिए किसी भी कर्मचारी को दोषी नहीं ठहराया गया है। मामले से समस्त उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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