भारतीय किसान यूनियन के नेता महेन्द्रसिंह टिकैत को दो दिन के नाटक के बाद उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल करने के मामले में आज जमानत मिल गई, जबकि मुजफ्फरनगर में अपने समर्थकों को दंगे के लिए भड़काने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार करने आई पुलिस को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
इससे पूर्व टिकैत ने यह कहकर यहाँ जिला अदालत से बाहर जाने से इनकार कर दिया था कि मुजफ्फरनगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर फर्जी मुठभेड़ में मार गिरा सकती है। पुलिस ने काफी देर तक उनके बाहर आने का इंतजार किया।
इस दौरान वहाँ काफी अव्यवस्था रही और एक बार पुलिस और टिकैत समर्थक भिड़ भी गए, लेकिन अंत में पुलिस वहाँ से हट गई और तब जाकर भाकियू नेता अदालत से बाहर आए और अपने समर्थकों के साथ जुलूस बनाकर वहाँ से चल पड़े।
अदालत परिसर से निकलकर टिकैत का काफिला रशीदपुरगढ़ी गाँव पहुँचा, जहाँ भाकियू का कार्यालय है। टिकैत ने वहाँ आधा घंटे आराम किया और उसके बाद मुजफ्फरनगर रवाना हो गए।
मायावती ने कहा कि टिकैत को कानून का शासन बहाल करने के लिए गिरफ्तार किया गया है और उन्हें उसी दिन गिरफ्तार किया जा सकता था, लेकिन उनकी सरकार, पुलिस और प्रशासन ने धैर्य से काम लिया।
अजा/जजा (अत्याचार निरोधक) अधिनियम और भादसं के तहत आरोपों का सामना कर रहे टिकैत ने सुबह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ब्रजेन्द्र कुमार त्यागी की अदालत में आत्मसमर्पण किया, लेकिन त्यागी ने यह कहते हुए मामला जिला जज सुभाषचंद्र अग्रवाल के सुपुर्द कर दिया कि यह उनके अधिकारों से बाहर का मामला है।
इसके बाद अग्रवाल ने यह मामला अतिरिक्त जिला जज शंभुशरण मिश्र को सौंप दिया, जिन्होंने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद टिकैत को बीस-बीस हजार रुपए की दो जमानतें भरने पर रिहा कर दिया। इस मामले में टिकैत यदि दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें छह माह से लेकर पाँच साल तक की जेल हो सकती है। पहले मामले में जमानत के बाद मुजफ्फरनगर के आला पुलिस अधिकारी अदालत के बाहर पहुँच गए और दंगा भड़काने के मामले में टिकैत को गिरफ्तार करने की बात चर्चा में आ गई, लेकिन टिकैत ने यह कहते हुए अदालत से बाहर आने से इनकार कर दिया कि फर्जी मुठभेड़ में पुलिस उनकी हत्या कर सकती है। इस बीच टिकैत के समर्थकों का हुजूम वहाँ इकट्ठा हो गया और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई, लेकिन शाम होते-होते पुलिस वहाँ से चली गई, जिसके बाद टिकैत अपने समर्थकों से घिरे हुए अदालत से बाहर आए और जुलूस की शक्ल में वहाँ से चले गए।
इससे पूर्व दिन में उत्तरप्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (रेलवे) गुरुदर्शनसिंह ने कहा था कि हाँ, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। शांतिपूर्ण तरीके से आत्मसमर्पण को लेकर जिला प्रशासन के साथ हुई बातचीत के बाद सिसौली गाँव से कारों के काफिले के साथ यहाँ पहुँचने के तुरंत बाद टिकैत को गिरफ्तार कर लिया गया था।
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